अपहरण और ब्लैकमेलिंग पर रोक लगाने के लिए एडीजी जोन ने तैयार की नई कार्ययोजना
महिला बीट पुलिस और शिक्षिकाएं मिलकर करेंगी छात्राओं को जागरूक
गोरखपुर। अब जिले के स्कूलों में छात्राओं को सिर्फ किताबों का ही नहीं बल्कि सुरक्षा और सशक्तिकरण का भी पाठ पढ़ाया जाएगा। अपहरण और ब्लैकमेलिंग की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए एडीजी जोन मुथा अशोक जैन ने एक नई कार्ययोजना बनाई है। इसके तहत हर थाना क्षेत्र की बीट पुलिस अधिकारी नियमित रूप से स्कूल-कॉलेज का दौरा करेंगे और वहां कार्यशाला कर छात्राओं को जागरूक बनाएंगे।
महिला अपराधों की समीक्षा के दौरान पाया गया कि गोरखपुर, बस्ती और देवीपाटन रेंज के 11 जिलों में हर साल करीब 1400 से 1500 अपहरण के मामले दर्ज होते हैं। इनमें अधिकांश पीड़िताओं की उम्र 15 से 21 वर्ष के बीच होती है। कई मामलों में छात्राओं ने बयान दिया कि उन्हें झांसा देकर या ब्लैकमेल करके अगवा किया गया। ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए अब स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
नई कार्ययोजना के तहत महिला बीट पुलिस और महिला शिक्षक मिलकर छात्राओं को बताएंगी कि अगर कोई व्यक्ति ब्लैकमेल या शोषण करता है तो चुप न रहें बल्कि तुरंत पुलिस को सूचित करें। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 1090 और डायल 112 की जानकारी दी जाएगी। छात्राओं को यह भरोसा भी दिलाया जाएगा कि उनकी पहचान गुप्त रखी जाएगी और आरोपित पर कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों में एक रजिस्टर तैयार होगा, जिसमें पुलिस अधिकारियों की विजिट दर्ज होगी। साथ ही स्कूल की दीवारों और गेट पर संबंधित पुलिस अधिकारियों का नाम और सीयूजी नंबर भी लिखा जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर छात्राएं और शिक्षक तुरंत संपर्क कर सकें।
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साहस दिखाएं, लें पुलिस की मदद
निर्देश के मुताबिक, यदि किसी छात्रा की गतिविधि संदिग्ध लगे तो तुरंत उसके अभिभावकों को बुलाकर जानकारी दें और सतर्क करें। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्राएं किसी भी दबाव, बहकावे या धमकी में आकर गलत फैसला न लें बल्कि साहस के साथ अपनी सुरक्षा के लिए पुलिस और समाज की मदद लें।