वाराणसी मंडल से हुई शुरुआत, जांच के दौरान फर्जी आई कार्ड वाले पकड़ में आ जाएंगे
गोरखपुर। रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में अधिकृत वेंडरों को क्यूआर कोड वाला आईडी कार्ड जारी किया जाएगा। पूर्वोत्तर रेलवे में इसकी शुरुआत वाराणसी मंडल से कर दिया गया है। जल्द ही लखनऊ और इज्जतनगर मंडल में भी वेंडरों को क्यूआर कोड वाला आईडी कार्ड दिया जाएगा। इससे अवैध वेंडरों की धरपकड़ आसान हो जाएगी।
रेलवे स्टेशनों पर अवैध वेंडिंग की शिकायतें बढ़ रही थीं। इसके साथ ही ट्रेनों में भी अवैध वेंडर खराब गुणवत्ता वाले खान-पान के सामान बेच रहे हैं। इसकी लगातार शिकायतें आने के बाद रेल प्रशासन ने गुणवत्ता नियंत्रण और अवैध वेंडिंग रोकने के लिए यह कदम उठाया है।
आईडी कार्ड पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करने पर वेंडर का नाम, आधार संख्या, चिकित्सकीय फिटनेस प्रमाणपत्र, पुलिस सत्यापन तिथि एवं वैधता, तैनाती इकाई और लाइसेंस धारक का नाम पता लग जाएगा। अधिकृत विक्रेताओं, वेंडरों, सहायकों, लाइसेंसधारकों और उनके कर्मचारियों का पहचान पत्र संबंधित स्टेशन अधीक्षक, स्टेशन प्रबंधक या आईआरसीटीसी के प्राधिकारी या उनके अधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर से जारी होंगे।
एनईआर के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि क्यूआर कोड वाले आईडी कार्ड से अवैध वेंडरों पर अंकुश लगाने में आसानी होगी। सभी वेंडरों को इसे उपलब्ध कराया जाएगा।