गोरखपुर। ट्रांसफाॅर्मरों को क्षतिग्रस्त होने से बचाने के लिए फरवरी में कवायद शुरू हुई। तेल कम होने, लोड बैलेंसिंग की जांच करने की जिम्मेदारी अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंता को दी गई थी, लेकिन सिकरीगंज, धुरियापार, विधनापार, गोला के इंजीनियरों ने इसे अनसुना कर दिया। नतीजा यह रहा कि इलाकों के 19 ट्रांसफाॅर्मर कम तेल होने से खराब हो गए थे। इस मामले में इन पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
गर्मी में ट्रांसफाॅर्मरों को जलने से बचाने के लिए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंधक निदेशक ने निर्देश दिए थे कि ट्रांसफाॅर्मरों को जलने के लिए जरूरी इंतजाम और जांच की जाए नहीं तो ट्रांसफाॅर्मर जलने पर संबंधित अभियंता की जिम्मेदारी होगी। ऐसे में 19 ट्रांसफाॅर्मर जलने के मामले में सभी छह इंजीनियरों से जुर्माना वसूलने के लिए कागजी कोरम पूरा कर कार्रवाई के लिए इसे आगे बढ़ाया गया। अधिशासी अभियंता पर 10 प्रतिशत, एसडीओ पर 30 प्रतिशत और अवर अभियंता पर 30 प्रतिशत का जुर्माना लगाया गया। मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
अधीक्षण अभियंता ग्रामीण द्वितीय खंड दीपक कुमार ने कहा कि मामले में क्या कार्रवाई की गई इसकी जानकारी कर रहे हैं।