गोरखपुर। नया गोरखपुर के लिए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने राजस्व ग्राम बालापार और मानीराम में किसानों से जमीन की रजिस्ट्री कराई है। एक माह से इस जमीन पर बड़े पैमाने पर खनन कराया जा रहा था। जीडीए ने जांच कराई तो पता चला कि एनएचएआई के ठेकेदार ने मिट्टी निकाल कर रिंग रोड को पाटा है। जीडीए सचिव यूपी सिंह की तहरीर पर चिलुआताल पुलिस ने आरोपी ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
दूसरी तरफ मंगलवार को जीडीए के सचिव और प्रभारी मुख्य अभियंता ने मौके का निरीक्षण किया। इनमें दो से तीन एकड़ जमीन 4 से 10 फीट गहराई तक खनन होने से कृत्रिम पोखरे में तब्दील हो गई है। मिट्टी खनन की वास्तविक जानकारी के लिए ड्रोन सर्वे कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना में विकास प्राधिकरण राजस्व ग्राम बालापार, मानीराम, रहमतनगर, सोनबरसा, महराजगंज, परमेश्वरपुर, बैजनाथपुर, विशुनपुर, देवीपुर, रामपुर गोपालपुर, ठाकुरपुर नंबर-1 और ठाकुरपुर दोयम में करार के आधार पर भूमि अर्जन कर रहा है। 3000 करोड़ रुपये की योजना को अमली जामा पहनाने के लिए प्राधिकरण बालापार और मानीराम राजस्व ग्राम में 175 एकड़ जमीन किसानों से रजिस्ट्री कराकर अधिग्रहित कर चुका है।
प्राधिकरण की ओर से अधिग्रहित जमीन से अवैध तरीके से बड़े पैमाने पर मिट्टी खनन की जा रही है। मिट्टी खनन की पुष्टि के बाद जीडीए के सचिव यूपी सिंह ने सोमवार को चिलुआताल थाने में एनएचएआई के ठेकेदार कुलवंत सिंह के खिलाफ तहरीर दी। चिलुआताल पुलिस ने आरोपी ठेकेदार के खिलाफ अवैध ढंग से मिट्टी खनन समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।
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एक माह से हो रही थी मिट्टी खनन
बालापार और मानीराम में अधिग्रहित जमीन मे एक माह से मिट्टी खनन की जा रही थी। यह जानकारी जीडीए के सचिव और प्रभारी मुख्य अभियंता को ग्रामीणों ने दी। खनन से मना करने पर ठेकेदार कहता था कि सभी को मैनेज कर मिट्टी निकाली जा रही है। पहले रात में पोकलेन की मदद से खनन कर रहे थे। इधर कुछ दिनों से दिन व रात डंपर लगाकर लगातार मिट्टी खनन की जा रही थी। मिट्टी को जगदीशपुर-जंगल कौड़िया रिंग रोड पर भेजा जा रहा था।
ड्रोन सर्वे का निर्देश
सचिव यूपी सिंह ने मिट्टी खनन को लेकर ड्रोन सर्वे का निर्देश दिया है। जीडीए की टीम ड्रोन सर्वे से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कितनी मिट्टी खोदी गई है। सचिव का कहना है कि बुधवार तक ड्रोन सर्वे की रिपोर्ट आ जाएगी। इसके बाद एनएचएआई के मुख्य अधिकारी को पत्र लिखकर संबंधित ठेकेदार के भुगतान से कटौती की मांग की जाएगी।
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एनएचएआई के ठेकेदार ने बड़े पैमाने पर मिट्टी खनन कराई है। चिलुआताल थाने में ठेकेदार कुलवंत सिंह के खिलाफ तहरीर दी गई है। ड्रोन सर्वे से पता किया जा रहा है कि कितने घन फीट मिट्टी की खनन हुई है। एनएचएआई को पत्र लिखकर ठेकेदार का भुगतान रोकने की मांग की जाएगी। इसकी रिकवरी भी कराएंगे।
- यूपी सिंह, सचिव, जीडीए