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Gorakhpur News: गोरखपुर में चुनी जाएगी लैक्रोस की राष्ट्रीय टीम

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- लैक्रोस के इंडिया कैंप में जुटे हैं देशभर के खिलाड़ी
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- 1948 के बाद फिर से ओलंपिक में शामिल किया गया है लैक्रोस
- रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम में चल रहा है पांच दिनों का इंडिया कैंप
- लैक्रोस की तीन राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं हो चुकी हैं आयोजित, जल्द मिलेगी खेल विभाग से मान्यता
गोरखपुर। लैक्रोस एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से शहर के रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम में लैक्रोस इंडिया कैंप का आयोजन किया जा रहा है। कैंप में देशभर के 100 से अधिक महिला और पुरुष खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। सात अगस्त को कैंप के समापन पर सउदी अरब में एक से चार अक्तूबर तक आयोजित होने वाली लैक्रोस एशिया चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम चुनी जाएगी।
लैक्रोश खेल के बारे में ज्यादातर लोग नहीं जानते हैं लेकिन बहुत ही पुराना खेल है। इसकी उत्पत्ति उत्तरी अमेरिका में 12वीं शताब्दी में हुई थी। आठ सौ साल पुराने इस खेले की शुरूआत भारत में वर्ष 2017 में हुई। इस खेल में खिलाड़ी गेंद को गोल में ले जाने, पास करने, पकड़ने और शूट करने के लिए लैक्रोस स्टिक का प्रयोग करते हैं। इस खेल के तीन संस्करण (फिल्ड लैक्रोस, सिक्सेज बॉक्स और बॉक्स लैक्रोस) शामिल हैं। यह खेल 45 मिनट का होता है जिसमें पांच मिनट का ब्रेक होता है। इसके अलावा आठ-आठ मिनट के पांच राउंड होते हैं। एक टीम को गोल करने के लिए 30 सेकंड का ही समय मिलता है।
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फिर से 2028 ओलंपिक में हुआ शामिल
लैक्रोस खेल 1904 और 1908 में ओलिंपिक में खेला जा चुका है। साथ ही 1928, 1932 और 1948 के ओलंपिक में यह खेल डेमो पर था। इसके बाद से यह खेल ओलंपिक से हटा दिया गया लेकिन अमेरिका, कनाडा, यूके आदि देशों में इस खेल की लोकप्रियता को देखते हुए इसे फिर से 2028 में लॉस एंजिल्स में आयोजित होने वाले ओलंपिक में शामिल किया गया है।

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गोरखपुर में बना है मुख्यालय
लैक्रोस एसोसिएशन ऑफ इंडिया का मुख्यालय गोरखपुर को बनाया गया है। इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद रवि किशन शुक्ला हैं। वहीं एसोसिएशन के सीईओ तौसीफ अहमद लारी भी गोरखपुर के ही हैं।

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महिला टीम को मिल चुका है मेडल
विश्व में लैक्रोस में अमेरिका की टीम का वर्चस्व है लेकिन भारत की महिला टीम ने कम समय में ही दुनिया में अपनी पहचान बना ली है। साल 2024 में उज्बेकिस्तान हुई लैक्रोस एशिया चैंपियनशिप में महिला टीम ने रजत पदक अपने नाम किया है।

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मान्यता की प्रक्रिया शुरू
किसी भी ओलंपिक खेल को खेल विभाग से मान्यता दिलाने के लिए तीन नेशनल प्रतियोगिताएं आयोजित होनी जरूरी हैं। ऐसे में लैक्रोस की तीन राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं आयोजित हो चुकी हैं। अब इसके मान्यता की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।


वर्जन
रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम में लैक्रोस के इंडिया कैंप का आयोजन किया जा रहा है। यह कैंप अक्तूबर में सउदी अरब में आयोजित होने वाली लैक्रोस एशिया चैंपियनशिप के टीम के चयन के लिए किया जा रहा है। इससे 12 महिला और 12 पुरुष टीम के खिलाड़ी चुने जाएंगे।
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- सौरभ विट्ठल, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर
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लैक्रोस का मुख्यालय शहर गोरखपुर को बनाया गया है। खेल को पहचान दिलाने के लिए राजस्थान सरकार बेहतर कार्य कर रही है। वहां 20 करोड़ रुपये से देश के पहली लैक्रोस एकेडमी बनाई जा रही है। आने वाले समय में यह खेल देश में काफी लोकप्रिय हो जाएगा।
- तौसीफ अहमद लारी, सीईओ
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