खलीलाबाद के भरवलिया पांडेय निवासी पीड़ित की शिकायत पर जिला उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला
संतकबीरनगर। जिला उपभोक्ता आयोग ने कूल्हे का गलत ऑपरेशन का दोष सिद्ध पाए जाने पर नारायण हॉस्पिटल गोरखपुर के प्रबंधक पर इलाज में खर्च रुपये ब्याज सहित वापस करने का आदेश दिया है। इलाज पर खर्च 3.50 लाख रुपये के अलावा आयोग ने 50 हजार रुपये क्षतिपूर्ति और 10 हजार रुपये वाद व्यय भी देने का फैसला सुनाया है।
कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के भरवलिया पांडेय, रजापुर सरैया निवासी वादी अबुल हसन के अधिवक्ता रणजीत कुमार चौधरी ने बताया कि अबुल हसन के कूल्हे में दर्द की शिकायत थी। उसने नवंबर 2022 में नारायण हॉस्पिटल एंड मल्टी स्पेशियलिटी सेंटर, खजांची चौराहा गोरखपुर से संपर्क किया। हॉस्पिटल ने जांच और एक्सरे आदि कराने के बाद कूल्हे के ऑपरेशन की सलाह दी।
9 नवंबर 2022 को वह एडमिट हुआ और कूल्हे का ऑपरेशन हुआ। 14 नवंबर 2022 को परिवादी को अस्पताल ने डिस्चार्ज कर दिया। अबुल के कूल्हे के ऑपरेशन में 3.50 लाख रुपये खर्च हुए। इसके बावजूद मरीज को लगातार दर्द होता रहा। उसने गोरखपुर के ही दूसरे हॉस्पिटल में दिखाया तो पता चला कि गलत ऑपरेशन की वजह से ही दर्द हो रहा है। 21 फरवरी को अबुल हसन का कूल्हा बदला गया तब उसे राहत मिली। अबुल ने मामले की शिकायत जिला उपभोक्ता आयोग में की। उपभोक्ता आयोग अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह व महिला सदस्य संतोष ने पीड़ित परिवादी का परिवाद पत्र स्वीकार करते हुए विपक्षी नारायण हॉस्पिटल के प्रबंधक को आदेश दिया कि वह परिवादी के ऑपरेशन व इलाज में हुए खर्च 3.50 लाख रुपये 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से 60 दिन के अंदर पीड़ित को भुगतान करे। साथ ही 50 हजार क्षतिपूर्ति और मुकदमा खर्च 10 हजार रुपये देने के आदेश दिया।