कोतवाली थाने में द लोनी अर्बन स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी पर दर्ज है केस
200 लोगों के करोड़ों रुपये लेकर भागे हैं जालसाज, पुलिस कर रही जांच
गोरखपुर। द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी में करीब 500 से ज्यादा लोगों ने निवेश किया था। निवेशकों के करीब आठ करोड़ रुपये लेकर सोसाइटी भाग गई है। कोतवाली पुलिस कह जांच में सामने आया है कि कंपनी पर वाराणसी में भी केस दर्ज है। पुलिस ने कुछ रिकॉर्ड सहित आरबीआई को ईमेल किया है। जवाब आने के बाद विवेचक साक्ष्य लेकर आरबीआई जाएंगे।
जानकारी के अनुसार, यह सोसाइटी गोरखपुर में 2017 से सक्रिय थी। पहले इसका कार्यालय घोष कंपनी के पास था। इसके बाद अधिक लोग जुड़े तो कार्यालय एल्युमिनियम फैक्टरी के पास शिफ्ट कर दिया गया। बाद में बशारतपुर में कार्यालय खोला गया। सोसाइटी से करीब 45 एजेंट जुड़े थे जो दूसरे लोगों से निवेश करवाते थे। बताया जा रहा है कि 2024 से पहले तक रुपये वापस भी मिले, लेकिन इसके बाद भुगतान बंद हो गया।
इस सोसाइटी पर उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में केस दर्ज हुआ था, जिसमें पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने पांच वर्ष में रुपये दोगुना करने का झांसा दिया था। एजेंट संजय अग्रहरि ने बताया कि नवंबर-2024 में सोसाइटी की साइट पर सूचनाओं की अपडेट मिलनी बंद हो गई थी। इसके बाद संस्था के पूर्वांचल हेड और शाखा प्रबंधक ने आश्वस्त किया था कि जल्द ही यह समस्या ठीक हो जाएगी। फरवरी में सोसाइटी के फर्जीवाड़े के बारे में पता चला। इसके बाद कार्रवाई के लिए चक्कर काटने लगे। आईजीआरएस पर भी शिकायत की गई थी। केस के लिए वाराणसी भी गए थे, लेकिन केस दर्ज नहीं हुआ। इसके बाद गोरखपुर में कोर्ट की शरण ली।
11 लोगों पर दर्ज है केस
कोतवाली थाने में सोसाइटी के प्रबंधन से जुड़े 11 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। इसमें वाराणसी के मुरारी मिश्रा, बाबूलाल गुप्ता, राघवेंद्र तिवारी, बीएल गुप्ता, पुणे के समीर अग्रवाल, सानिया अग्रवाल, शबाब हुसैन, अनूप जैन, संजय मुद्गल, आरके शेट्टी, अभय राय शामिल हैं। इसमें समीर अग्रवाल कंपनी का सीएमडी है। हालांकि, पीड़ितों का कहना है कि इसमें मुरारी मिश्रा भी पीड़ित हैं। उनके भी लाखों रुपये लेकर आरोपी भाग गए हैं।
यूपी और एमपी में भी केस
सूत्रों ने बताया कि समीर अग्रवाल ने वर्ष 2016 में सागा नामक संस्था की स्थापना की थी, जिसमें नौ समितियां गठित की गई थीं। इनमें से एक द लोनी अर्बन मल्टी-स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (एलयूसीसी) है, जिसका कारोबार उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड में है। बताया जा रहा है कि एलयूसीसी सोसाइटी के खिलाफ वर्ष 2024 में उत्तर प्रदेश के कोतवाली ललितपुर और मध्य प्रदेश में भी केस दर्ज किया गया था।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक छत्रपाल सिंह ने कहा कि एजेंटों ने कुछ साक्ष्य दिए हैं। इनकी जांच की जा रही है।