शासन के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग ने शुरू की कवायद
बीईओ को पत्र जारी कर मांगी नए जर्जर भवनों की सूची
गोरखपुर। जिले के पूरी तरह से जर्जर हो चुके विद्यालयों के भवन को गिराकर उनके जगह पर नए भवन बनाए जाएंगे। वहीं 50 से अधिक विद्यालयों में मरम्मत कार्य होंगे। शासन के निर्देश के बाद बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर उनसे नए जर्जर विद्यालयों की जानकारी मांगी है।
दरअसल, राजस्थान में विद्यालय की छत गिरने की घटना के साथ ही गोरखपुर में भी दो विद्यालयों में जर्जर विद्यालय की छत का प्लास्टर गिरने की घटना हो चुकी है। इन घटनाओं को देखते हुए शिक्षा विभाग सख्त हुआ और तत्काल जर्जर विद्यालयों में हो रही पढ़ाई पर रोक लगाते हुए अप्रिय घटना होने पर प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी तय कर दी थी। अब बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर जर्जर विद्यालयों का ब्योरा मांगा है।
बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि विकास खंड में कई विद्यालय भवन की स्थिति खराब है। इस प्रकार के विद्यालयों में कक्षाओं का संचालन किया जाना छात्र हित में नहीं है। जिन भी विद्यालयों में जर्जर भवन हैं, जिनकी तकनीकी रिपोर्ट भेजी जा चुकी उसे तत्काल नीलाम कराते हुए ध्वस्तीकरण कराना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त इसके अलावा पूर्व में उपलब्ध कराए गए जर्जर भवनों की सूची के अतिरिक्त अन्य कोई विद्यालय भवन जर्जर स्थिति में है तो उसकी सूची भी कार्यालय को उपलब्ध कराएं।
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कोट
जिले के जर्जर विद्यालयों की सूची खंड शिक्षा अधिकारियों से मांगी गई है। साथ ही जर्जर विद्यालयों में शिक्षण कार्य नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी तरह की अप्रिय घटना पर प्रधानाध्यापक और खंड शिक्षा अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए