पछुआ हवा कमजोर पड़ने से गोरखपुर के बजाय पहले सोनभद्र पहुंचा मानसून
अब एक सप्ताह तक अलग-अलग हिस्सों में होगी बारिश
गोरखपुर। दक्षिण पश्चिमी मानसून बुधवार को पूर्वी यूपी के सोनभद्र जिले के रास्ते यूपी में प्रवेश कर गया। पछुआ हवा का दबाव कम होने के चलते मानसून के रास्ते में हल्का बदलाव हुआ। पहले इसके गोरखपुर के आसपास के जिलों के रास्ते यूपी में आने की संभावना थी। मानसून सक्रिय होने के बाद 19 से 22 जून तक पूरे पूर्वी यूपी में गरज-चमक के साथ भारी बारिश के आसार हैं। इसके बाद 23 तारीख से क्षेत्रवार बारिश की स्थिति बनेगी।
जून के पहले सप्ताह में अत्यधिक गर्मी पड़नेे के बाद 12 जून को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद पूर्वी यूपी में मौसम बदला और बूंदाबांदी होने के बाद गर्मी का असर थोड़ा कम हुआ। इसके बाद 14 जून से प्री मानसून के प्रभाव के चलते हर दिन टुकड़े-टुकड़े में बारिश होने से तापमान में कमी आने लगी।
मौसम विभाग ने 18 जून से पूर्वी यूपी में मानसून के सक्रिय होने का अनुमान जताया था। बिहार में सक्रिय मानसून पूर्वी यूपी के गोरखपुर मंडल की तरफ बढ़ रहा था, लेकिन पछुआ हवा का जोर कम पड़ने से इसके मार्ग में थोड़ा परिवर्तन हुआ। बुधवार काे वाराणसी क्षेत्र के सोनभद्र के रास्ते यूपी में प्रवेश किया। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की वजह से मानसून के उत्तर पश्चिम भारत में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। इस वजह से बृहस्पतिवार से पूरे यूपी में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। कुछ जगहों पर भारी बारिश का भी अलर्ट है। इसके अलावा वज्रपात की आशंका भी जताई जा रही है। मौसम विज्ञानी अतुल सिंह ने बताया कि पूर्वी यूपी में मानसून की सक्रियता के साथ ही बारिश के लिए बेहतर माहौल बना है। इससे एक सप्ताह तक बारिश की उम्मीद है।
अलर्ट मैसेज से अचरज में पड़ गए लोग
बुधवार सुबह तमाम लोगों के मोबाइल पर आपदा विभाग की तरफ से भारी बारिश व वज्रपात की चेतावनी का टेक्सट मैसेज आया। इसमें 19 से 22 जून तक बारिश के दौरान खुद को सुरक्षित रखने का संदेश लिखा है। लोगों को बारिश के दौरान पेड़ के नीचे नहीं छिपने, पानी भरे खेत में काम नहीं करने आदि का सुझाव दिया गया है।