परिजनों ने झंगहा पुलिस पर लगाया आरोपियों को बचाने का आरोप
ब्रह्मपुर। झंगहा थाना क्षेत्र में लकड़ी के विवाद में हुई मारपीट में गंभीर रूप से घायल रामसरन (50) की शनिवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि तहरीर देने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया गया और मामले को दुर्घटना बताकर टाल दिया गया।
मृतक रामसरन की पत्नी मीरा देवी ने बताया कि उनके पति की गांव के दिनेश और वीरेंद्र से पुरानी रंजिश थी। 11 अक्तूबर की शाम रामसरन करमा चौराहा लालापुर के पास पेड़ कटवा रहे थे। तभी इलाके के छह लोग पहुंचे और खरीदे हुए पेड़ को काटने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज के बाद रामसरन पर डंडे और टांगी के पिछले हिस्से से हमला कर दिया। आरोपियों ने घायल को सड़क किनारे फेंक दिया। ग्रामीणों के सहयोग से घायल को पीएचसी ब्रह्मपुर ले जाया गया। यहां से एम्स गोरखपुर और बाद में बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। 11 दिनों तक चले इलाज के बाद रामसरन की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि सभी नामजद आरोपियों के नाम बताने के बावजूद पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। परिजनों ने अब मामले की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर की है। थानाध्यक्ष झंगहा जयंत कुमार सिंह ने बताया कि मामला प्रारंभ में दुर्घटना के रूप में दर्ज किया गया था। अब पीड़ित पक्ष की नई तहरीर पर दोबारा जांच कर कार्रवाई की जा रही है।