गोरखपुर। कमिश्नर अनिल ढींगरा ने कहा कि प्रत्येक जिले में जहां अधिक सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, उन मार्गों में से एक को मॉडल सेफ रोड बनाना है। इसके अलावा सभी मार्गों को सुरक्षा के मानकों के अनुसार विकसित किया जाएगा। सर्वाधिक दुर्घटना वाली सड़कों व ब्लैक स्पॉट्स, जाम तथा सड़क मार्गों के अनावश्यक कट वाले मार्गों का सर्वे कराएं और पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
कमिश्नर ने यह निर्देश मंगलवार को आयुक्त सभागार में मंडल स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग, अपर जिलाधिकारी (नगर), पुलिस अधीक्षक यातायात, एडिशनल एसपी तथा एनएचएआई की एक संयुक्त टीम बनाकर काम करें। समिति ने ग्रामीण मार्गों को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाले स्थलों पर साइन बोर्ड, रोड मार्किंग प्रकाश की व्यवस्था की मांग उठाई।
इस पर कमिश्नर ने लोक निर्माण विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि ऐसे स्थलों को चिह्नित करके समुचित व्यवस्था करें। घायलों को अस्पतालों तक पहुंचाने वाले व्यक्ति व पुलिस कर्मचारी को गुड समेरिटन योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि व प्रमाणपत्र प्रदान किया जाए। सभी प्रकार के संस्थानों में रोड सेफ्टी क्लब का गठन अनिवार्य रूप से कराया जाए। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
एसपी यातायात संजय कुमार, संभागीय परिवहन अधिकारी रामवृक्ष सोनकर, संजय कुमार झा, अधीक्षण अभियंता लोनिवि हेमराज सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत कुमार, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन अरुण कुमार मौजूद रहे।