गोरखपुर। मकर संक्रांति पर शहर में जगह-जगह समाजसेवियों और विभिन्न संगठनों ने खिचड़ी प्रसाद का वितरण किया। वहीं अनेक मंदिरों पर सुंदर कांड पाठ का आयोजन किया गया।
ट्रांसपाेर्टनगर स्थित अघोर पीठ में मंगलवार को मकर संक्रांति का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। सुबह से ही पीठ में दूर दराज से भक्तों का आगमन शुरू हो गया। दोपहर 12 बजे से अवधूत छबीले राम ने महाप्रभु को भोग निवेदित किया। उसके बाद आश्रम में आए श्रद्धालुओं को अपने हाथों से खिचड़ी व दही वितरित कर ग्रहण करवाया। पीठ प्रमुख ने कहा कि हम सभी को मिलकर मकर संक्रांति मनानी चाहिए। इस अवसर पर पीठ के उपाध्यक्ष डॉ. रूप कुमार बनर्जी ने बताया कि हर साल पीठ पर खिचड़ी धूमधाम से मनाई जाती है।
गुरु गोरक्षनाथ वृद्धाश्रम छपिया नौसड़ मेंं दोपहर में संगीतमय सुंदर कांड पाठ का आयोजन किया गया। असुरन स्थित विष्णु मंदिर पर भगवान विष्णु को नए वस्त्र पहना कर विशेष पूजा-अर्चना आरती व भोग लगाया गया। गोरखनाथ मंदिर में श्री श्याम प्रभु एवं राणी सती दादी ट्रस्ट की ओर से भंडारे का आयोजन किया गया था। जिसमें दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने बाबा गोरक्षनाथ की को खिचड़ी चढ़ाने के बाद प्रसाद ग्रहण किया। प्रयास एक परिवर्तन संस्था की ओर से तरंग के पास भंडारा लगाया गया। इसके साथ ही गोरक्षनाथ रोड पर विभिन्न संगठनों ने प्रसाद वितरण किया। शाहपुर स्थित कालीमंदिर पर भी खिचड़ी का वितरण किया गया।
-इस्कॉन ने किया गीता दान महायज्ञ
इस्कॉन गोरखपुर द्वारा गीता दान महायज्ञ का आयोजन मंगलवार को तारामंडल में किया गया। इसमें श्रीमद्भगवद्गीता की दिव्य प्रतियों की झांकियों ने सभी को आकर्षित किया। गीता के अध्यायों के पारंपरिक उच्चारण एवं हरे कृष्ण महामंत्र के साथ यज्ञ प्रारंभ हुआ। रिषभ पांडेय ने बताया कि संपूर्ण विश्व से इस्कॉन के द्वारा महाकुंभ 2025 में निशुल्क साधु संतों एवं श्रद्धालु गानों को श्रीमद्भगवद्गीता वितरित की जाएगी। अंत में मकर संक्रांति विशेष खिचड़ी प्रसाद सभी भक्तों को वितरित किया गया।
-हिंदू सुरक्षा सेवा ट्रस्ट ने बांटी खिचड़ी
मकर संक्रांति के अवसर पर हिंदू सुरक्षा सेवा ट्रस्ट गोरखपुर महानगर के कार्यकर्ताओं ने गोरखनाथ रोड पर कैंप लगाकर श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में खिचड़ी एवं चाय वितरण किया। प्रसाद वितरण कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष जितेंद्र वर्मा पल्लू, महामंत्री सुधीर यादव सहित महानगर के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।