पूर्वांचल को कैंसर मुक्त करने की हुई पहल, एक मंच पर साथ आए कई चिकित्सा संस्थान
हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल एवं शोध संस्थान की पहल पर जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग भी बना साझेदार
गोरखपुर। पूर्वी उत्तर प्रदेश को कैंसर से मुक्त बनाने के लिए पहली बार जिले के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने शनिवार देर रात मंंच साझा किया। जिला प्रशासन गोरखपुर एवं स्वास्थ्य विभाग की पहल पर संस्थानों ने एक रोड मैप बनाने की तैयारी की। पोद्दार कैंसर अस्पताल की स्वर्ण जयंती पर आयोजित स्टेक होल्डर्स बैठक में सभी ने कैंसर के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने, समय पर पहचान एवं इलाज पर जोर दिया।
संस्थान के संयुक्त सचिव रसेंदु फोगला ने स्वागत भाषण में संस्थान के बारे में विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी कृष्ण करुणेश ने कहा कि गोरखपुर को कैंसर रोकथाम के क्षेत्र में मॉडल बनाना हमारा लक्ष्य है। जेई/एईएस के खिलाफ दस्तक कार्यक्रम की सफलता के बाद हम सभी मिलकर कैंसर को भी बढ़ने से रोक सकते हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा ने कैंसर की प्रारंभिक पहचान एवं समय पर चिकित्सा की आवश्यकता एवं स्क्रीनिंग की प्राथमिकता पर बल दिया।
एम्स की कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल डॉ. विभा गुप्ता ने कहा कि एम्स इस सामाजिक पहल में हर संभव सहयोग देगा। गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने शिक्षा के माध्यम से कैंसर के खिलाफ जागरूकता फैलाने का सुझाव दिया। उन्होंने प्रस्तावित किया कि विश्वविद्यालय स्तर पर छात्र-छात्राओं के लिए विशेष कैंसर जागरूकता सेमिनार एवं कार्यशालाएं आयोजित किए जाएं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल और महागुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए शोध, प्रशिक्षण, जागरूकता एवं संवाद पर जोर दिया।
ओपन फोरम चर्चा के दौरान आईएमए, आईडीए, एफओजीएसआई, जीपीए सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों, डॉक्टरों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित जांच शिविर, महिला स्वास्थ्य पर विशेष फोकस, कैंसर सर्वाइकल वैक्सीनेशन के प्रति जागरूकता, किशोरियों में शिक्षा जैसे मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई।