सोने के आभूषणों की मार्किंग कराने के दौरान जेवर लेकर भागने का मामला
मुख्य आरोपी का फूफा बताया जा रहा, पूरी घटना की रची थी साजिश
आरोपी के पास से पुलिस ने 19.30 ग्राम सोना किया बरामद,
गोरखपुर। हिंदी बाजार में लालबाबू किशन कुमार ज्वेलर्स से सोने के आभूषणों की मार्किंग कराने के दौरान 45 लाख रुपये के जेवर लेकर भागने के मामले में एक और आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। ये पूरी घटना का मुख्य साजिशकर्ता बताया जा रहा है। मुख्य आरोपी कृष के रिश्ते में फूफा बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपी के पास से 19.30 ग्राम सोना बरामद किया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दुकान के कर्मचारी कृष कुमार सोना लेकर फरार होने के कुछ घंटे बाद मुख्य साजिशकर्ता अपने फूफा रायगंज उतरी निवासी गंगा वर्मा उर्फ कल्लू के पास भागकर आ गया था। इसी फूफा ने कुशीनगर में अपने एक जानने वाले के यहां मुख्य आरोपी कृष को शरण दिलवाई थी। कुशीनगर से ही मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसी के बाद पूरी घटना से पर्दा हट गया था। पुलिस इस मामले में अभी भी एक सराफा व्यापारी की तलाश कर रही है।
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यह है मामला
हिंदी बाजार की फर्म लालबाबू किशन कुमार ज्वेलर्स के मालिक के पुत्र राहुल वर्मा ने तीन मई को राजघाट थाने में तहरीर दी थी। उसने बताया कि राजघाट थाने के फुल्की गली निवासी कृष वर्मा पुत्र सोनू वर्मा दुकान में काम करता था। तीन मई को दुकान से 45 लाख रुपये के 448 ग्राम सोने के आभूषणों पर हाॅलमार्किंग करवाने के लिए सेंटर पर भेजा था। कर्मचारी कृष वहां से मार्किंग लगवा कर वापस आने के लिए निकला था, लेकिन दुकान पर नहीं पहुंचा। कर्मचारी को वापस आने में देर होने पर उन्होंने उसे फोन किया। लेकिन, नंबर बंद मिला था। इसके बाद कर्मचारी के पिता व चाचा से उसके बारे में जानकारी ली, लेकिन वह घर भी नहीं पहुंचा था। इसके बाद राजघाट थाने में पुलिस को तहरीर दी। राजघाट पुलिस ने केस दर्ज कर गायब कर्मी की खोजबीन में जुटी थी। इसी बीच 17 मई को जेवर लेकर फरार होने के आरोपी कर्मी बसंतपुर निवासी कृष कुमार वर्मा उसके एक साथी रायगंज उतरी निवासी दिनेश गोंड पुलिस के हाथ लग गया। पूछताछ के बाद पुलिस ने कोर्ट में पेश कर दोनों को जेल भिजवा दिया। तीसरे साथी की तलाश में पुलिस जुटी हुई थी। रविवार को पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता रायगंज उतरी निवासी गंगा वर्मा उर्फ कल्लू को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 19.30 ग्राम सोना बरामद कर जब्त कर लिया।
पांच उठाए गए थे, दो ही भेजे गए थे जेल!
बाजार में पुलिस की कार्रवाई को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं हैं। व्यापारियों का मानना है कि मामले में अगर एसपी सिटी और एसएसपी ने रुचि दिखाई होती तो कड़ी की मुख्य कहानी नहीं खुलती। उनके मुताबिक, जांच में पहले कुशीनगर से मुख्य कर्मचारी पकड़ा गया था। इसके बाद उसने बताया कि उसका एक रिश्तेदार ही उसे कुशीनगर में छिपने के लिए अपना संपर्क दिया था। इसके अलावा बाजार के ही दो व्यापारी के यहां चोरी के सोने की गलाई किया गया था। इस आधार पर पुलिस ने कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया था। लेकिन, पिछले दिनों थाने से दो लोगों का चालान कर जेल भिजवाया गया था। आलाधिकारियों को मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने मामले की गोपनीय जांच करवाई। इसी आधार पर मुख्य आरोपी कृष के फूफा गंगा वर्मा उर्फ कल्लू और बाजार के एक दूसरे व्यापारी को भी मामले में नामजद किया गया।
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सराफा मंडल ने भी अधिकारियों से मिलकर की थी मांग
सराफा मंडल के पदाधिकारी भी लगातार हो रही चोरी को देखते हुए एसएसपी से मिलकर बाजार के विभीषण और मुखबिरों की पहचान कर कार्रवाई करने की मांग की थी। उनकी मंशा थी कि बाजार में ऐसे विभीषणों की वजह से बाजार के व्यापारियों का नुकसान न हो। लेकिन, थाने स्तर से चोरी के इतने बड़े खुलासे में सिर्फ दो को ही आरोपी बनाते हुए जेल भेजा गया, जबकि पूरे बाजार में बाकी तीन लोगों के छोड़े जाने पर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगी हैं। बाजार के लोगों का मानना है कि पूरे मामले में उच्चस्तरीय जांच हो तो कई कड़ी खुलकर सामने आ जाएगी।
सराफा व्यापारी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दे रही दबिश
पुलिस ने मामले में एक सराफा व्यापारी की गिरफ्तारी के लिए शनिवार रात से दबिश दे रही है। मामले में नाम आने के बाद से व्यापारियों भी हैरत में आ गए हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो रविवार को भी आरोपी घर पर नहीं मिला। दुकान पर भी आरोपी ने ताला लगाया था। पुलिस सूत्रों की मानें तो अभी बाजार के ऐसे कुछ अन्य विभिषण पर भी कार्रवाई हो सकती है।