रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी के अपहरण में मास्टरमाइंड है कमालुद्दीन उर्फ कमालु
चोरी की गाड़ियों को बेचकर अपराध की दुनिया में रखा कदम, लड़कियों को बेचने की भी चर्चा
पकड़े जाने के डर से भाग गया था विदेश, लौटकर आने पर रच दी अपहरण की साजिश
गोरखपुर। रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी अशोक जायसवाल के अपहरण के मास्टरमाइंड कमालुद्दीन उर्फ कमालु ने तीन शादियां की थीं। इसके बावजूद वह खुद को कुंवारा बताता था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उसने दो हिंदू लड़कियाें से शादी की है। इसके अलावा कई और लड़कियों से उसका अफेयर था। पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है। जल्द ही उसे गोरखपुर लाकर पूछताछ भी करेगी।
सिकरीगंज इलाके के जद्दूपट्टी निवासी कमालुद्दीन उर्फ कमालु ने पहली शादी अपने मामा की लड़की से की थी। इससे उसके दो बच्चे भी हैं। गांव के लोगों का कहना है कि दूसरी शादी उसने एक डांसर से की। वह हिंदू है। शादी के बाद से उसे किसी दूसरी जगह पर रखता है। वह लड़की अब कलमा भी पढ़ती है। बताया जा रहा है कि तीसरी लड़की भी हिंदू ही है लेकिन दोनों को लेकर वह कभी गांव नहीं आया।
कमालु की एक पत्नी ने तो उसके साथ के कई फाेटो और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए हैं। किसी में उसने रक्षासूत्र पहना है तो किसी में वह हिजाब पहने नजर आ रही है। वहीं कमालुद्दीन भी सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव था लेकिन वहां पर उसने अपना नाम कमालु बाबू लिखा है। वहां पत्नी के साथ उसका कोई भी फोटो नहीं है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उसके और भी कई लड़कियों से अफेयर थे। वह महंगी कार और फोन के जरिये भौकाल बनाता था। असलहे के साथ वह अपनी वीडियोग्राफी करवाता था। सोशल मीडिया पर वह अक्सर महंगी कार वाली रील पोस्ट करता था। लड़कियों को बताता था कि वह एक बिजनेसमैन है। इसी वजह से वे उसकी झांसे में आ जाती थीं।
लड़कियां सप्लाई करने की भी चर्चा
क्षेत्र में इस बात की भी चर्चा है कि कमालुद्दीन लड़कियों को बेचने का भी धंधा करता था। पहले उसने भाई के साथ मिलकर डीजे का काम शुरू किया था। इसके बाद वह चोरी की गाड़ियां बेचने लगा। इसका नेटवर्क पूरे प्रदेश और नेपाल तक फैला था। बताया जा रहा है कि नेपाल में उसने सैकड़ों गाड़ियां बेची हैं। सूत्रों ने बताया कि चोरी की गाड़ियां बेचने के धंधे में मुनाफा होने के बाद वह लड़कियां बेचने के धंधे में लग गया। इसी से वह कम समय में धनवान बन गया। पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है।
पीछे है सफेदपोशों का हाथ
सूत्रों ने बताया कि कमालुद्दीन के पीछे कई सफेदपोशों का भी हाथ है। उसने इन्हें सस्ते दाम में गाड़ियां बेची थीं। साथ ही लड़कियां भी सप्लाई करता था। इसी वजह से इतने कम समय में वह महंगी-महंगी गाड़ियों से चलने लगा। उसने पक्का मकान भी बनवा लिया। बताया जा रहा है कि अपहरण के बाद उसे शहर से भागने में भी इन्हीं ने मदद की लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से वह प्रदेश छोड़कर नहीं भाग सका और रायबरेली में सरेंडर करना पड़ा।
पूरे प्रदेश में फैला है सिंडिकेट
कमालुद्दीन का सिंडिकेट पूरे प्रदेश में फैला है। वह नोएडा और हरियाणा की गाड़ियों को पूर्वांचल, लखनऊ, रायबरेली में बेचता था। रायबरेली में उसपर चोरी के कई केस दर्ज हैं। वह वाहन चोर गिरोह का सरगना भी है।
पकड़े जाने के डर से चला गया था विदेश
कमालुद्दीन को क्षेत्र के लोग वाहन चोर के नाम से ही जानते हैं। कुछ लोगों का कहना था कि वह नेपाल की लड़कियों को यूपी के अलग-अलग शहरों तक सप्लाई करता था। इन्हीं अपराधों के चलते उसने कम समय में काफी रुपये कमा लिए थे। वह चोरी की गाड़ियों को नेपाल में बेचता था। वर्ष 2020 में रायबरेली में उसके खिलाफ पहला केस दर्ज हुआ। इसके बाद कमालुद्दीन पुलिस से बचने के लिए थाईलैंड और सऊदी अरब घूमने चला गया। वापस आने के बाद उसने एक गैंग बनाया। पूर्व में गिरफ्तार किए गए करुणेश दुबे को जिम्मेदारी दी कि वह अपहरण कर फिरौती वसूलने के लिए पूर्वांचल के बड़े बिजनेसमैन, इंजीनियर और डॉक्टर की लिस्ट तैयार करे।
यह है मामला
25 जुलाई की सुबह करीब 5:30 बजे पादरी बाजार निवासी रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी अशोक जायसवाल जॉगिंग और स्विमिंग के लिए साइकिल से रेलवे स्टेडियम जा रहे थे। शाहपुर थाना क्षेत्र के कौवाबाग अंडरपास के पास कार सवार बदमाशों ने उनका अपहरण कर लिया। करीब चार घंटे बाद पत्नी डॉ. सुषमा जायसवाल के फोन पर व्हाट्सएप कॉल आई। बदमाशों ने अशोक जायसवाल से बात कराई। फिरौती के रूप में पहले पांच करोड़ रुपये की मांग की। इसके बाद एक करोड़ फिर 15 लाख रुपये की डिमांड बदमाशों ने की थी। पत्नी की सूचना के बाद शाहपुर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने ऑपरेशन अशोक के लिए छह टीमें बनाई थीं। 12 घंटे के अंदर उन्हें खोज निकाला और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में आरोपी कमालुद्दीन ने रायबरेली में दूसरे मामले में सरेंडर कर दिया। वहीं, तीन अन्य आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है। वारंट बी पर कमालुद्दीन को गोरखपुर लाया जाएगा। इसके बाद उससे पूछताछ की जाएगी। कमालुद्दीन को गोरखपुर लाने के लिए पुलिस को अनुमति मिल गई है।
रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी के अपहरण में मास्टरमाइंड है कमालुद्दीन उर्फ कमालु
चोरी की गाड़ियों को बेचकर अपराध की दुनिया में रखा कदम, लड़कियों को बेचने की भी चर्चा
पकड़े जाने के डर से भाग गया था विदेश, लौटकर आने पर रच दी अपहरण की साजिश
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी अशोक जायसवाल के अपहरण के मास्टरमाइंड कमालुद्दीन उर्फ कमालु ने तीन शादियां की थीं। इसके बावजूद वह खुद को कुंवारा बताता था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उसने दो हिंदू लड़कियाें से शादी की है। इसके अलावा कई और लड़कियों से उसका अफेयर था। पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है। जल्द ही उसे गोरखपुर लाकर पूछताछ भी करेगी।
सिकरीगंज इलाके के जद्दूपट्टी निवासी कमालुद्दीन उर्फ कमालु ने पहली शादी अपने मामा की लड़की से की थी। इससे उसके दो बच्चे भी हैं। गांव के लोगों का कहना है कि दूसरी शादी उसने एक डांसर से की। वह हिंदू है। शादी के बाद से उसे किसी दूसरी जगह पर रखता है। वह लड़की अब कलमा भी पढ़ती है। बताया जा रहा है कि तीसरी लड़की भी हिंदू ही है लेकिन दोनों को लेकर वह कभी गांव नहीं आया।
कमालु की एक पत्नी ने तो उसके साथ के कई फाेटो और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए हैं। किसी में उसने रक्षासूत्र पहना है तो किसी में वह हिजाब पहने नजर आ रही है। वहीं कमालुद्दीन भी सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव था लेकिन वहां पर उसने अपना नाम कमालु बाबू लिखा है। वहां पत्नी के साथ उसका कोई भी फोटो नहीं है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उसके और भी कई लड़कियों से अफेयर थे। वह महंगी कार और फोन के जरिये भौकाल बनाता था। असलहे के साथ वह अपनी वीडियोग्राफी करवाता था। सोशल मीडिया पर वह अक्सर महंगी कार वाली रील पोस्ट करता था। लड़कियों को बताता था कि वह एक बिजनेसमैन है। इसी वजह से वे उसकी झांसे में आ जाती थीं।
लड़कियां सप्लाई करने की भी चर्चा
क्षेत्र में इस बात की भी चर्चा है कि कमालुद्दीन लड़कियों को बेचने का भी धंधा करता था। पहले उसने भाई के साथ मिलकर डीजे का काम शुरू किया था। इसके बाद वह चोरी की गाड़ियां बेचने लगा। इसका नेटवर्क पूरे प्रदेश और नेपाल तक फैला था। बताया जा रहा है कि नेपाल में उसने सैकड़ों गाड़ियां बेची हैं। सूत्रों ने बताया कि चोरी की गाड़ियां बेचने के धंधे में मुनाफा होने के बाद वह लड़कियां बेचने के धंधे में लग गया। इसी से वह कम समय में धनवान बन गया। पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है।
पीछे है सफेदपोशों का हाथ
सूत्रों ने बताया कि कमालुद्दीन के पीछे कई सफेदपोशों का भी हाथ है। उसने इन्हें सस्ते दाम में गाड़ियां बेची थीं। साथ ही लड़कियां भी सप्लाई करता था। इसी वजह से इतने कम समय में वह महंगी-महंगी गाड़ियों से चलने लगा। उसने पक्का मकान भी बनवा लिया। बताया जा रहा है कि अपहरण के बाद उसे शहर से भागने में भी इन्हीं ने मदद की लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से वह प्रदेश छोड़कर नहीं भाग सका और रायबरेली में सरेंडर करना पड़ा।
पूरे प्रदेश में फैला है सिंडिकेट
कमालुद्दीन का सिंडिकेट पूरे प्रदेश में फैला है। वह नोएडा और हरियाणा की गाड़ियों को पूर्वांचल, लखनऊ, रायबरेली में बेचता था। रायबरेली में उसपर चोरी के कई केस दर्ज हैं। वह वाहन चोर गिरोह का सरगना भी है।
पकड़े जाने के डर से चला गया था विदेश
कमालुद्दीन को क्षेत्र के लोग वाहन चोर के नाम से ही जानते हैं। कुछ लोगों का कहना था कि वह नेपाल की लड़कियों को यूपी के अलग-अलग शहरों तक सप्लाई करता था। इन्हीं अपराधों के चलते उसने कम समय में काफी रुपये कमा लिए थे। वह चोरी की गाड़ियों को नेपाल में बेचता था। वर्ष 2020 में रायबरेली में उसके खिलाफ पहला केस दर्ज हुआ। इसके बाद कमालुद्दीन पुलिस से बचने के लिए थाईलैंड और सऊदी अरब घूमने चला गया। वापस आने के बाद उसने एक गैंग बनाया। पूर्व में गिरफ्तार किए गए करुणेश दुबे को जिम्मेदारी दी कि वह अपहरण कर फिरौती वसूलने के लिए पूर्वांचल के बड़े बिजनेसमैन, इंजीनियर और डॉक्टर की लिस्ट तैयार करे।
यह है मामला
25 जुलाई की सुबह करीब 5:30 बजे पादरी बाजार निवासी रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी अशोक जायसवाल जॉगिंग और स्विमिंग के लिए साइकिल से रेलवे स्टेडियम जा रहे थे। शाहपुर थाना क्षेत्र के कौवाबाग अंडरपास के पास कार सवार बदमाशों ने उनका अपहरण कर लिया। करीब चार घंटे बाद पत्नी डॉ. सुषमा जायसवाल के फोन पर व्हाट्सएप कॉल आई। बदमाशों ने अशोक जायसवाल से बात कराई। फिरौती के रूप में पहले पांच करोड़ रुपये की मांग की। इसके बाद एक करोड़ फिर 15 लाख रुपये की डिमांड बदमाशों ने की थी। पत्नी की सूचना के बाद शाहपुर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने ऑपरेशन अशोक के लिए छह टीमें बनाई थीं। 12 घंटे के अंदर उन्हें खोज निकाला और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में आरोपी कमालुद्दीन ने रायबरेली में दूसरे मामले में सरेंडर कर दिया। वहीं, तीन अन्य आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है। वारंट बी पर कमालुद्दीन को गोरखपुर लाया जाएगा। इसके बाद उससे पूछताछ की जाएगी। कमालुद्दीन को गोरखपुर लाने के लिए पुलिस को अनुमति मिल गई है।