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इंश्योरेंस ठगी : तीन और बीमा कंपनियों ने पुलिस से की शिकायत

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विवेचक को फर्जीवाड़े से संबंधित मेल के जरिये भेजे दस्तावेज
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शहर के कई अस्पतालों की भी भूमिका संदिग्ध, पुलिस ने शुरु की जांच
गोरखपुर। हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम में हो रही जालसाजी के पर्दाफाश के बाद अब मामले में तीन और बीमा कंपनियों ने पुलिस से शिकायत की है। बीमा कंपनियों ने संदिग्ध मरीजों के नाम व दस्तावेज विवेचक को मेल के जरिये उपलब्ध कराए हैं। पुलिस अब एक-एक मरीज की पूरी जानकारी जुटा रही है। ताकि यह साफ हो सके कि किन अस्पतालों में इनके नाम पर फर्जी क्लेम तैयार कर रकम निकाली गई।
अब तक की जांच में यह सामने आया है कि गोरखपुर शहर के कई अस्पताल इस गिरोह से जुड़े हैं। इनमें उमंग और पुष्पांजलि अस्पतालों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। दोनों अस्पतालों के संचालक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं और उनकी तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। वहीं, डिसेंट हॉस्पिटल के मैनेजर के कंप्यूटर से चौंकाने वाले दस्तावेज मिले हैं। इसमें कई अन्य नर्सिंग होमों के नाम और मरीजों के फर्जी मेडिकल रिकार्ड बरामद हुए हैं।
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पुलिस का कहना है कि कंप्यूटर से जानबूझकर डेटा डिलीट किया गया था, लेकिन साइबर सेल की तकनीकी टीम ने कई अहम फाइलें रिकवर कर ली हैं। इन दस्तावेजों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि धोखाधड़ी किसी एक अस्पताल तक सीमित नहीं थी, बल्कि एक संगठित गिरोह इसके पीछे सक्रिय था। पुलिस ने अब तक डिसेंट हॉस्पिटल के संचालकों समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है। फरार संचालकों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर नजर रखी जा रही है। शुरुआती जांच से यह भी संकेत मिला है कि गोरखपुर के अलावा देवरिया और बस्ती जिले के कुछ नर्सिंग होम भी इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।

यह था मामला
गौरतलब है कि मामले का पर्दाफाश बजाज आलियांज फाइनेंस कंपनी की शिकायत से हुआ। कंपनी ने पुलिस को बताया था कि दिल्ली निवासी सत्यदीप के नाम पर गोरखपुर के एक अस्पताल से फर्जी तरीके से 1.80 लाख रुपये का क्लेम निकाला गया। जब कंपनी ने सत्यदीप से संपर्क किया तो उसने साफ कहा कि वह कभी किसी अस्पताल में भर्ती ही नहीं हुए। इसके बाद पुलिस ने विवेचना तेज की और मामला कई अस्पतालों तक जा पहुंचा।
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कोट
तीन और कंपनियों की शिकायतें मिलने से जांच का दायरा बढ़ गया है। हर संदिग्ध मरीज का ब्योरा अस्पताल रिकॉर्ड और बीमा कंपनियों के दस्तावेज से मिलान कराया जा रहा है। दोषी पाए जाने वाले अस्पतालों व संचालकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
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