नौसड़ बवाल: 22 उपद्रवियों ने पुलिस पर किया था पथराव, वीडियो फुटेज में हुए थे कैद, अब अंडरग्राउंड
छह उपद्रवी जेल भिजवाए गए, अन्य की तलाश में पुलिस ने गांव में डाला डेरा
मृतक के परिजनों ने साधी चुप्पी, कुछ भी बोलने से किया इन्कार
गोरखपुर। गीडा क्षेत्र के जवाहर चक निवासी हनुमान (45) की मौत के बाद नौसड़ तिराहे पर पुलिस टीम पर हुए पथराव के मामले में कार्रवाई तेज हो गई है। जहां एक ओर 22 उपद्रवियों की पहचान कर पुलिस ने छह को जेल भिजवा दिया है, वहीं उन पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की तैयारी है जो उपद्रवियों पर सख्ती के बजाय वैन में छिपकर अपनी जान बचाते नजर आए थे। उनके खिलाफ जल्द ही जांच बैठाई जाएगी। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस ने गांव में डेरा डाल रखा है।
पिटाई में घायल हनुमान की मौत के बाद आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने बीते मंगलवार को ग्रामीणों के साथ नौसड़ तिराहे को जाम कर दिया था। उस दौरान उपद्रवियों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया था। पथराव में एक महिला कांस्टेबल समेत छह पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। वहीं आठ पुलिसकर्मियों ने पुलिस वैन में छिपकर अपनी जान बचाई थी।
उस दौरान उपद्रवी, पुलिस वैन पर ईंट-पत्थर और बांस-बल्ली से वैन पर हमला करते रहे। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर भीड़ में शामिल 22 लोगों की पहचान वीडियो फुटेज और सीसीटीवी के आधार पर की है। इनमें से छह आरोपियों बसौली निवासी अंगद, सोमनाथ, बुगानी देवी, जवाहर चक निवासी विकास व सुभाष कुमार समेत छह आरोपियों को जेल भिजवाया जा चुका है, जबकि बाकी आरोपी अंडरग्राउंड हो गए हैं।
आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार गांवों में दबिश दे रही हैं, पर अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस ने फुटेज में कैद आठ उपद्रवियों के परिजनों को हिरासत में लेकर आरोपियों का पता लगाने में जुटी हुई है।
उधर, घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग के भीतर ही सवाल उठने लगे हैं। फुटेज में कुछ पुलिसकर्मी पथराव के दौरान अपनी वैन में छिपते नजर आ रहे हैं। इस पर अधिकारियों ने अनुशासनहीनता मानते हुए जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, इन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है, जिससे फोर्स में असंतोष की लहर है। कुछ पुलिसकर्मी मानते हैं कि जब भीड़ अचानक हिंसक हो जाए और बैकअप न हो, तो जान बचाना प्राथमिकता होती है। वहीं अफसरों का कहना है कि पुलिस का काम जनता और कानून की रक्षा करना है, भागना नहीं।
उपद्रव के बारे में परिजनों ने साधी चुप्पी
इस पूरे प्रकरण में मृतक हनुमान के परिजनों ने चुप्पी साध ली है। उन्होंने किसी भी प्रकार का बयान देने से इन्कार कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि परिवार अब किसी विवाद या बयानबाजी में नहीं पड़ना चाहता। वहीं, प्रशासन ने गांव में पुलिस बल बढ़ा दिया है। दिन-रात गश्त चल रही है और संदिग्धों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
वर्जन
कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जो भी उपद्रव में शामिल था, उसे जल्द गिरफ्तार कर जेल भिजवाया जाएगा। अब तक छह आरोपी जेल भिजवाए जा चुके हैं। अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
- जितेंद्र श्रीवास्तव, एसपी नार्थ