उपनिदेशक पंचायत ने सभी डीपीआरओ से कारण पूछा, कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए
गोरखपुर। व्यक्तिगत शौचालय बनाने और सत्यापन में गोरखपुर मंडल की धीमी प्रगति पर उपनिदेशक पंचायत ने सभी डीपीआरओ को नोटिस भेजा है। कारण पूछते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मंडल में देवरिया और कुशीनगर की स्थिति सबसे खराब है।
उपनिदेशक पंचायत हिमांशु शेखर ठाकुर ने व्यक्तिगत शौचालय की प्रगति को लेकर बृहस्पतिवार को समीक्षा बैठक की थी। बैठक में पाया कि व्यक्तिगत शौचालय के आवेदन सत्यापन में देवरिया और कुशीनगर की स्थिति सबसे खराब है। गोरखपुर जिले में 7,335, देवरिया में 17,104, कुशीनगर में 18,653 और महराजगंज में 5,772 आवेदनों का अभी तक सत्यापन नहीं हुआ है। इसी तरह व्यक्तिगत शौचालय में गोरखपुर में 27,668 के सापेक्ष मात्र 6,046, देवरिया में 16,387 के सापेक्ष 458, कुशीनगर में 16,762 के सापेक्ष 123 और महराजगंज में 16,920 के सापेक्ष मात्र 3,093 शौचालय ही बन सके हैं। इस पर उपनिदेशक पंचायत ने सभी जिलों के डीपीआरओ को नोटिस भेजा है। कारण पूछते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।