शनिवार रात प्रसव के बाद हो गई थी मौत, परिजनों ने काटा था बवाल
जांच में वैभव नर्सिंग होम का नहीं मिला पंजीकरण, संचालक व झोला छाप के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज
गगहा। क्षेत्र के हाटा बाजार में अवैध रूप से संचालित वैभव नर्सिंग होम पुलिस ने रविवार को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सील करवा दिया। इसी अस्पताल में शनिवार रात में प्रसूता की मौत हो गई थी। वहीं, पुलिस ने अस्पताल संचालक व यहां इलाज करने वाले झोला छाप के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया है। संचालक विक्रम मद्धेशिया को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया। अस्पताल सील करने के बाद प्रशासन ने विभागीय जांच शुरू कर दी है।
लखनापार निवासी रुपेश निषाद की तहरीर के मुताबिक, पत्नी पूजा निषाद (30) को शनिवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई। उसे हाटा बाजार के वैभव नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। यहां आपरेशन के बाद उसने पुत्र को जन्म दिया। लेकिन, अधिक रस्तस्त्राव से पूजा की स्थिति बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। रात करीब 9:30 बजे परिजन शव लेकर गगहा थाने पहुंचे। थोड़ी देर बाद अस्पताल का संचालक भी थाने पर पहुंच गया। यह देख थाने में ही प्रसूता के पति व परिवार के अन्य सदस्यों ने उसे दौड़ा लिए। पुलिस ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
रविवार को तहसीलदार बांसगांव जिवेंद्र त्रिपाठी, गगहा सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी बृजेश बरनवाल, सीओ बांसगांव दरवेश कुमार, एसओ सुशील कुमार चौरसिया की मौजूदगी में प्रशासन ने अस्पताल को सील कर दिया। पुलिस ने हिरासत में लिए गए देवरिया जिला निवासी संचालक विक्रम मद्धेशिया को जेल भिजवा दिया। वहीं घटना के बाद भाग निकले दूसरे आरोपी झोला छाप संदीप यादव की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। संदीप ही अस्पताल में ऑपरेशन करता था।
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बिना पंजीकरण झोला छाप के सहारे चल रहा था अस्पताल
हाटा बाजार में अवैध रूप से संचालित वैभव नर्सिंग होम में प्रसूता की मौत के बाद रविवार सुबह प्रशासन व पुलिस टीम अस्पताल पहुंची। जांच में पता चला कि अस्पताल का पंजीकरण ही नहीं है। यही नहीं वहां तैनात दोनों डॉक्टर झोलाझाप निकले। उनके पास किसी प्रकार की कोई डिग्री नहीं मिली। जांच के दौरान अस्पताल में मिले दस्तावेजों में संचालक विक्रम मद्धेशिया की डिग्री से संबंधित कागजात मिले, जिसे प्रशासन की टीम अपने साथ ले गई।
एक अस्पताल सील हुआ तो दूसरे नाम से खोल दिया
प्रसूता की मौत मामले में जेल गए आरोपी अस्पताल संचालक विक्रम मद्धेशिया पहले गगहा के मझगांवा में जीवन ज्योति हेल्थ केयर के नाम से अवैध अस्पताल संचालित करता था। यहां भी वह प्रसव के अलावा अन्य सर्जरी का कार्य करता था। वर्ष 2020 में प्रशासन ने जांच के दौरान प्रशासन ने जीवन ज्योति हेल्थ केयर को सील कर दिया। कुछ समय बीतने के बाद उसने हाटा बाजर में एक मकान लेकर अवैध रूप से वैभव नर्सिंग होम का संचालन शुरू कर दिया।
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पूर्व में दो बार जेल जा चुका है विक्रम
आरोपी संचालक विक्रम मद्धेशिया पर गगहा थाने में दो मुकदमे दर्ज हैं। दोनों मुकदमे पैसे के लेनदेन को लेकर धोखाधड़ी के संबंध में है। वर्ष 2023 में गगहा पुलिस ने उसे धोखाधड़ी के मामले में जेल भेजा था। हालांकि 20 दिन में जमानत मिल गई थी।
गर्भपात कराने का भी लग चुका है आरोप
वर्ष 2024 में गजपुर की एक महिला ने संचालक विक्रम मद्धेशिया पर पहले इलाज में गड़बड़ी और फिर गर्भपात करने का आरोप लगाया था। पीड़िता ने पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को पत्र भेजकर बताया था कि जून 2024 में उसके पेट में दर्द हुआ तो उसने गांव की आशा कार्यकर्ता को जानकारी दी। आशा कार्यकर्ता ने सरकारी अस्पताल में अच्छी महिला डॉक्टर नहीं होने की बात कहकर उसे वैभव नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया था। उस समय 28 हजार रुपये लेने के बाद जान को खतरा बताते हुए गर्भपात करा दिया था।