कसिहार टोल प्लाजा के पास ही डवरपार में लगता है साप्ताहिक बाजार
अगल-बगल के 10 से अधिक गांवों के लोग आते हैं यहां सब्जी खरीदने
टोल टैक्स देने के डर से लोग नहीं जा रहे बाजार, दुकानदार भी परेशान
कसिहार। गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन पर कटया गांव के समीप बने भिटहा टोल प्लाजा की वजह से इलाके के 20 से अधिक गांवों के लोगों की दैनिक दिनचर्या भी प्रभावित हो गई है। स्थिति यह है कि डवरपार में लगने वाले साप्ताहिक बाजार में भी लोग टोल टैक्स की वजह से जाने से कतरा रहे हैं।
भिटहा टोल प्लाजा क्षेत्र के प्रमुख बाजार डवरपार और बेलीपार के बीच में है। टोल प्लाजा से बेलीपार चौराहे की दूरी मात्र 500 मीटर है, वहीं डवरपार की दूरी भी लगभग 600 मीटर है। भिटहां, डवरपार, चंदौली, मेहरौली, चारपानी, नाउरदेउर, महावीर छपरा, जुडापुर, कुसमौल, सेवई, भौवापार आदि गांव के लोग बेलीपार में बैंक या बाजार से संबंधित कार्य के लिए आते हैं।
कई अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने आते हैं। दूसरी तरफ बेलीपार, बिस्टौली, कसिहार, मलांव, देवकली, बेला, टेम्हां, सेनुआपार, बेनुआटिकर, अइमा, करजही, कतरारी, घनसही, धस्की, कनईल, मझिगवां आदि गांवों के लोग डवरपार बाजार के लिए पहुंचते हैं।
अब अगर कोई व्यक्ति अपने चार पहिया वाहन से बाजाार की तरफ गया तो उन्हें 65 रुपये आने और 65 रुपये जाने का टोल टैक्स देना होगा। वहीं 200 मीटर दूर पेट्रोल पंप से डीजल-पेट्रोल लेने गए तो उसके लिए भी टोल टैक्स भरना होगा।
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लोग बोले.. यह तो मुसीबत बन गया
व्यापार मंडल बेलीपार के महामंत्री डाॅ.सदरूददीन ने कहा कि टोल प्लाजा से सटे ही क्षेत्र का बड़ा बाजार तथा कई बैंकों की शाखाएं हैं। क्षेत्र के आठ से 10 किलोमीटर दूर तक के ग्रामीण और विभिन्न संस्थानों के लोगों का आना जाना है। यदि स्थानीय लोगों से टोल वसूली की जाती है तो दिनचर्या के साथ-साथ व्यापार पर भी असर पड़ेगा। इसलिए स्थानीय लोगों से टोल वसूली नहीं होनी चाहिए। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए प्रधान संघ अध्यक्ष राम प्रसाद यादव, भाजपा जिला उपाध्यक्ष मनोज कुमार शुक्ला, किसान नेता विनय शुक्ला, सामाजिक कार्यकर्ता अनिल पांडेय आदि ने टोल मैनेजर विकास मौर्या से मिलकर 35 गांवों की सूची सौंपी है। प्रधान संघ अध्यक्ष रामप्रसाद यादव ने बताया कि एनएचएआई के अफसर जन समस्याओं को नहीं समझ रहे, इसलिए अब वे लोग कमिश्नर से मिलकर टोल टैक्स पर छूट दिलाने की मांग करेंगे।