राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलवार सुबह 10:30 बजे भटहट ब्लॉक के पिपरी में बने प्रदेश के पहले आयुष विश्वविद्यालय का लोकार्पण और दोपहर बाद तीन बजे महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय बालापार में शिलान्यास व लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होने जाएंगी। इसके लिए तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। महामहिम के स्वागत के लिए मोहद्दीपुर में स्कूली बच्चे इंतजार कर रहे हैं।
सीएम योगी सुबह साढ़े दस बजे सर्किट हाउस पुहंत गए हैं। इनके साथ ही राष्ट्रपति का काफिला आयुष विश्वविद्यालय के लिए जाएगा। दरअसल, सोमवार की रात सर्किट हाऊस में रात्रि विश्राम के बाद मंगलवार सुबह 10.30 बजे राष्ट्रपति का काफिला प्रदेश के पहले राज्य स्तरीय आयुष विश्वविद्यालय के लिए रवाना होना है।
महामहिम का काफिला मोहद्दीपुर से चार फाटक ओवरब्रिज, कौवाबाग, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के रास्ते भटहट ब्लॉक के पिपरी गांव पहुंचेगा। इस दौरान हर प्रमुख चौराहे पर राष्ट्रपति का स्वागत करने के लिए स्कूली बच्चे व अन्य लोग खड़े रहेंगे। वहां 11.30 बजे से 12.30 बजे तक लोकार्पण व जनसभा होगी।
इस कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री गोरखनाथ मंदिर आएंगे। वहां दोपहर भोज के बाद राष्ट्रपति सर्किट हाऊस में और राज्यपाल डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय के अतिथि भवन में विश्राम करेंगी। इसके बाद दोपहर तीन बजे सभी बालापार स्थित महयोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय जाएंगे। वहां से शाम 5.30 बजे राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री का काफिला एयरपोर्ट जाएगा।
समारोह स्थल पर लगे जर्मन हैंगर पंडाल को तिरंगे के स्वरूप में सजाया गया है। वहां पहुंचने वाले लोगों को यह सहज आकर्षित करेगा। समारोह को दिव्य छटा देने के लिए पूरे परिसर को भव्य रूप से सजाया गया है।
पांच हजार लोग बनेंगे साक्षी
लोकार्पण समारोह में करीब पांच हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। पंडाल में बनी दीर्घा में सबसे आगे वीआईपी के लिए सोफे लगाए गए हैं। उसके बाद दूसरे घेरे में अतिथियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। उसके बाद आम लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है।
मंच करीब आठ फीट ऊंचा है। इससे पंडाल की अंतिम पंक्ति में बैठे लोग भी राष्ट्रपति के साथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मंचासीन अन्य अतिथियों को देख सकेंगे।
जगह-जगह स्वागत अभिनंदन
राष्ट्रपति के स्वागत में मंगलवार की सुबह से ही लोगों की भीड़ सड़कों दिखी। लोगों ने दिल खोलकर राष्ट्रपति का स्वागत किया। जगह-जगह चौराहों नृत्य के साथ-साथ अन्य लोक कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से मार्ग को जीवंत कर दिया। कई जगहों पर परंपरागत संगीत की धुनों पर बच्चे और महिलाएं भी झूमती नजर आईं। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा गोरखपुर एक स्वर में राष्ट्रपति का स्वागत कर रहा हो।