लखनऊ पुलिस लाइंस में तैनात दिनेश कुमार गिरि ने मंगलवार जनेश्वर मिश्र पार्क के पास लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर कर ली थी खुदकुशी
बुधवार को सहजनवां के टिकरिया खोर में पिता ने बेटे का किया दाह संस्कार
वीडियो कॉल पर पत्नी से विवाद के बाद सिपाही ने दी थी जान, देवरिया स्थित मायके चली गई पत्नी
पाली (गोरखपुर)। पुलिस बनकर बेटे ने शान बढ़ाई तो गांव में पिता का सीना चौड़ा हो गया था। वहीं लखनऊ में सिपाही की खुदकुशी से परिवार पूरी तरह से टूट गया है। जवान बेटे दिनेश कुमार गिरि (36) की मौत से आहत पिता रामदरश गिरि ने बताया कि रोज फोन से बात होती थी, खुद की परेशानी के बारे कभी नहीं बताया। हमेशा हंसता रहता था। बोलता था पापा आपके सारे सपने पूरे करूंगा।
जानकारी के मुताबिक, सहजनवां के टिकरिया खोर निवासी सिपाही दिनेश कुमार गिरि (36) लखनऊ पुलिस लाइंस में तैनात थे। उन्होंने मंगलवार को जनेश्वर मिश्र पार्क के गेट नंबर छह के पास सिर में गोली मारकर खुदकुशी कर ली। इस घटना के पीछे पत्नी का विवाद सामने आया। बताया जा रहा है कि घटना से पहले दिनेश के पास उनकी पत्नी अनीता का फोन आया था। बातचीत के बाद वह बार-बार वीडियो कॉल कर रही थीं। इससे दिनेश परेशान हो गए थे। पहले दिनेश ने ईंट से अपना मोबाइल फोन तोड़ दिया। इसके बाद लाइसेंसी पिस्टल से सिर में गोली मार ली। बुधवार को उनका शव गांव पहुंचा। पिता ने दाह संस्कार किया। इधर, दिनभर गांव में चर्चा होती रही।
मायके चली गई सिपाही की पत्नी
रामदरश गिरि ने बताया कि दिनेश तीन भाइयों में मझला था। बड़ा बेटा महेश घघसरा बाजार में डेंटल क्लिनिक चलाता है। छोटा भाई रमेश और उसकी पत्नी भी सिपाही हैं, जो गोंडा में तैनात हैं। दिनेश के दो बेटे अंबेश और अनय हैं। इस घटना के बाद बहू अनय को लेकर देवरिया के शीतल माझा रुद्रपुर स्थित अपने मायके चली गई। अंतिम संस्कार के समय वह घर नहीं आई।
वर्ष 2011 में सिपाही बना था दिनेश
रामदरश गिरि ने बताया कि दिनेश ने तिलौरा से इंटर की पढ़ाई की थी। इसके बाद प्यारी देवी राजित महाविद्यालय तिलौरा पाली से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। पुलिस भर्ती की परीक्षा पास कर वर्ष 2011 में वह सिपाही बना। पहली पोस्टिंग बस्ती, दूसरी सिद्धार्थनगर फिर लखनऊ में तबादला हुआ था।