डेथ पेमेंट खाते में डालकर खुद रकम निकाल लेते थे आरोपी
गोरखपुर। समूह लोन प्रकरण में पूछताछ के दौरान पुलिस को गिरफ्तार पांचों आरोपियों ने अहम जानकारियां दीं। उन्होंने पुलिस को बताया कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक के इशारे पर रुपये गबन करने की नीयत से लोगों को ऋण देकर उनका बीमा कराया जाता था। इसके बाद ऋण धारकों का फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर स्वयं ही उसका सत्यापन कर देते थे। इसके बाद डेथ पेमेंट (मृत्यु के बाद होने वाला भुगतान) ऋण धारकों के खाते में डालकर धोखे से स्वयं निकाल लेते थे।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी तत्कालीन बीसीएम संजय गिरि व तत्कालीन फील्ड अफसर जय कुमार ने गोला के सुअरज बुजुर्ग गांव निवासी साधना देवी को अपना निशाना बनाया था। दोनों ने उसके पति विनय कुमार के जीवित रहते हुए फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र का सत्यापन कर डेथ पेमेंट एक लाख 19 हजार 169 रुपये का गबन किया है।
इसी तरह आरोपी तत्कालीन बीसीएम संजय गिरि व तत्कालीन फील्ड अफसर आशुतोष दुबे ने गोला सराय निवासी आयशा उर्फ आशा के पति इस्लाम का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर डेथ पेमेंट एक लाख 54 हजार 271 रुपये का गबन कर लिया। आरोपी तत्कालीन बीसीएम अरुण कुमार व तत्कालीन फील्ड अफसर आशुतोष दुबे ने विसरा निवासी मालती देवी के पति खुशहाल का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर एक लाख 65 हजार 296 रुपये का गबन कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी तत्कालीन बीसीएम कृष्ण कुमार शर्मा व तत्कालीन फील्ड अफसर आशुतोष दुबे ने गोला बाजार निवासी रोजी के पति मैनुद्दीन का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर डेथ पेमेंट एक लाख 33 हजार 413 रुपये का गबन किया है। आरोपी तत्कालीन बीसीएम अभय तिवारी व तत्कालीन फील्ड अफसर वारिश अंसारी ने गोला बाजार निवासी राजकुमारी के पति नीरज जायसवाल का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर डेथ पेमेंट एक लाख 74 हजार 832 रुपये का गबन कर लिया।
आरोपी तत्कालीन बीसीएम अभय तिवारी व आरोपी तत्कालीन फील्ड अफसर आशुतोष दुबे ने गोला बाजार निवासी शबनम खातून के पति अलाउद्दीन का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र का सत्यापन कर डेथ पेमेंट एक लाख 38 हजार 938 रुपये का गबन किया है।
अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद बढ़ सकती है गबन की राशि
समूह लोन प्रकरण में वर्ष 2023 में जब केस पंजीकृत हुआ था, तब कुल 19 महिला सदस्यों पर 6 लाख 44 हजार, 197 रुपये गबन का आरोप लगा था। शनिवार को एसएसपी ने जब गिरफ्तार पांच आरोपियों से पूछताछ की तो गबन की राशि में 2 लाख 41 हजार 722 रुपये की वृद्धि हो गई। अब तक कुल 8 लाख 85 हजार 919 रुपये के गबन का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद गबन की राशि और बढ़ सकती है।