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समूह लोन प्रकरण : जेल में बंद चार महिलाओं ने हाईकोर्ट में दी जमानत की अर्जी

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हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए लंबित है अर्जी, लोवर कोर्ट से जमानत अर्जी हो चुकी है खारिज
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गोला (गोरखपुर)। समूह लोन प्रकरण में जेल में बंद चार महिलाओं की ओर से हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दी गई है। उनकी अर्जी जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत (लोवर कोर्ट) से खारिज हो गई थी। इसके बाद उनके हाइकोर्ट में अर्जी दी गई है।
समूह लोन प्रकरण में लोन माफ कराने के लिए पति का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र जमा करने की आरोपी चार महिलाओं को पुलिस ने विगत दिनों जेल भिजवा दिया था। इसके बाद एक महिला आयशा पत्नी इस्लाम की जमानत के लिए उनके अधिवक्ता ने बृहस्पतिवार को अर्जी दी थी, जो खारिज हो गई थी। इसी तरह साधना पत्नी विनय मौर्या व मोती देवी पत्नी गौरीशंकर की जमानत की अर्जी खारिज हो गई थी। इसी तरह मोती पत्नी गौरीशंकर, राजकुमारी देवी पत्नी नीरज जायसवाल की अर्जी खारिज होने पर मंगलवार को हाईकोर्ट में अर्जी दी गई।
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परिजनों ने बताया कि बड़ी उम्मीद थी कि लोवर कोर्ट से ही जमानत मिल जाएगी, लेकिन नहीं मिली। बाध्य होकर उन्हें हाईकोर्ट में अर्जी देनी पड़ी है। बताया कि महिलाओं ने कोई गलती नहीं की है। कर्मियों ने झांसे में लेकर सारा खेल किया है और सजा वह भुगत रही हैं। इस प्रकरण के बाद से रिश्तेदारी में काफी बदनामी भी हो रही हैं।

जिंदगी भर का दाग बन गया समूह लोन

महिलाओं के घर की जमा पूंजी खर्च, कर्ज लेकर उन्हें छुड़ाने में जुटे परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोला (गोरखपुर)। भारत फाइनेंसियल इन्क्लूजन इंडसइंड बैंक (माइक्रो फाइनेंस कंपनी) की शाखा गोला बाजार से लोन लेना कस्बे की महिलाओं और परिजनों के लिए जी का जंजाल बन गया है। उन्होंने आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए लोन लिया था, लेकिन घर की जमा पूंजी भी खर्च हो गई। जेल में बंद चारों महिलाओं को निकालने के परिजन कर्ज लेकर और इधर-उधर से रुपये का इंतजाम कर उन्हें बाहर निकालने में जुटे हुए हैं। परिजनों ने कहा कि अगर उन्हें पहले पता होता वह उन्हें लोन कभी नहीं लेने देते। यह लोन उनके लिए जिंदगी भर का दाग बन गया है।
कस्बे की आयशा पत्नी इस्लाम के घर की आर्थिक हालात सुधारने को लोन लिया था। लेकिन यह लोन उनके लिए मुसीबत बन गया है। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई बंद हो गई है। घर की हालत और भी बदतर हो गई है। आयशा की पुत्री सबिना बानो ने बताया कि कस्बे की एलपीएम पब्लिक स्कूल में नौवीं क्लास पास की हूं। दसवीं में रजिस्ट्रेशन कराना है, लेकिन मम्मी के जेल जाने के बाद पापा भी उन्हें छुड़ाने के लिए दौड़ भाग कर रहे हैं। इसमें लगातार पैसे खर्च हो रहा है। स्कूल में रजिस्ट्रेशन नहीं होने से आगे पढ़ना मुश्किल लग रहा है। बताया कि वह दो बहन और दो भाई हैं।

नौकरी छोड़कर मां को छुड़ाने में जुटे तीन बेटे
मोती पत्नी गौरीशंकर के तीन पुत्रों में सबसे छोटे रवींद्रनाथ ने बताया कि मां का पैर टूटा था। इसी दौरान किसी के माध्यम से मां ने लोन ले लिया था। कर्मियों ने लोन माफ कराने के लिए फर्जी प्रमाणपत्र लगाया था। इसमें मेरी मां की कोई भूमिका नहीं थी। तीनों भाई छोटा मोटा काम करके जीवन यापन करते हैं। बैंक के कर्मियों की धोखाधड़ी व जालसाजी से पूरा परिवार परेशान है। सभी नौकरी छोड़कर मां को जेल से बाहर निकालने में जुटे हुए हैं।

जिंदगी भर का दाग बन गया लोन
जेल में बंद साधना पत्नी विनय मौर्या के घर की हालत खराब है। साधना के जेठ अजय ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। काम धंधा छोड़कर साधना को छुड़वाने में जुटा हूं। अब तो घर के मान-सम्मान की बात है। नात रिश्तेदारी में भी बदनामी हुई। लोन लेना जिंदगी भर का दाग बन गया है।
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आय के सभी साधन रुके
राजकुमारी की पुत्री सलोनी जायसवाल ने बताया कि उनके पिता फेरी का काम करते हैं। मां घर पर किराने का स्टोर चलाती थीं। चार बहनों व एक भाई का भोजन व पढ़ाई सहित अन्य जरूरतें पूरी हो जाती थीं। जबसे मां जेल गई हैं तबसे पूरा परिवार परेशान है। हम सबकी पढ़ाई ठप हो गई है। आय के सभी साधन रुक गए है। जो जमा पूंजी थी उसे लेकर पिता मां को छुड़वाने में जुटे हुए हैं।
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