गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर जरूरतमंद को सम्मानजनक आश्रय देने के लिए डबल इंजन की सरकार प्रतिबद्ध है। इसके लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिए गए हैं तो शहर में किसी कार्य से आने वाले आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए निशुल्क रैन बसेरों की व्यवस्था की गई है। ठंड और शीतलहर से आमजनमानस के बचाव के लिए राज्य सरकार की तरफ से पहले चरण में 4 लाख लोगों को यूपी में बने कंबल वितरित करने के लिए हर जिले को पर्याप्त धनराशि जारी कर दी गई है। प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि जरूरतमंद लोगों की सूची बनाकर कंबल वितरण सुनिश्चित कराया जाए।
सीएम योगी मंगलवार देर शाम महानगर में चार रैन बसेरों का निरीक्षण करने के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे। सीएम ने धर्मशाला के नवनिर्मित रैन बसेरे का उद्घाटन किया और महानगर क्षेत्र में सूरजकुंड, बरगदवा और राप्तीनगर में तीन नए रैन बसेरे बनाने के लिए निर्देशित किया।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर जरूरतमंद को रैन बसेरों में अच्छी सुविधा दी जाए। प्रशासन को इसे प्राथमिकता पर लेते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी रैन बसेरों में पर्याप्त संख्या में बिस्तर व कंबल का इंतजाम हो। साफ-सफाई का भी पूरा ध्यान रखा जाए। साथ ही यदि किसी के पास भोजन की व्यवस्था नहीं है तो उसे भोजन भी उपलब्ध कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने रेलवे स्टेशन के पास, कचहरी बस स्टेशन, छात्रसंघ चौराहे के पास, धर्मशाला तथा झूलेलाल मंदिर के पास बने रैन बसेरों का निरीक्षण कर तथा वहां ठहरे लोगों से बातचीत की। इस दौरान सभी रैन बसेरों में मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से जरूरतमंदों में कंबल व भोजन का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री ने चारों रैन बसेरों के बाहर भी सैकड़ो जरूरतमंद लोगों में कंबल व भोजन का वितरण कर उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार उनकी सेवा को प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान परिजनों के साथ मौजूद बच्चों को दुलारा और चॉकलेट, खिलौना गिफ्ट कर उन्हें आशीर्वाद भी दिया।
सीएम योगी ने रैन बसेरों में ठहरे सभी लोगों से कुशलक्षेम जानने के साथ उनसे संवाद भी किया। अलग अलग रैन बसेरों में देवरिया, कुशीनगर, बलिया, गगहा, चौरीचौरा समेत पूर्वांचल के अलग अलग क्षेत्रों के नागरिकों के अलावा बिहार से आए लोग भी ठहरे थे। कोई डॉक्टर को दिखाने के लिए तो कोई काम की तलाश या फिर किसी अन्य कार्य से गोरखपुर आया था। मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि यहां रैन बसेरों में कोई परेशानी तो नहीं। सबने व्यवस्था को लेकर संतोषजनक जवाब दिया। उनका कहना था कि खुद मुख्यमंत्री उनके पास आए हैं। रैन बसेरों में ठहरे लोगों का कहना था कि जब बाबा (योगी आदित्यनाथ) खुद उनकी सुधि ले रहे हैं तो उन्हें किस बात की दिक्कत होगी।
रैन बसेरों के निरीक्षण के दौरान सांसद रविकिशन, मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, भाजपा के महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता, कालीबाड़ी के महंत रवींद्रदास समेत प्रशासन, पुलिस व नगर निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।
ठंड से बचाव के लिए सरकार ने किए व्यापक प्रबंध
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ठंड से कोई दम न तोड़ने पाए और न ही कोई ठिठुरे, इसके लिए सरकार की तरफ से कई स्तरों पर प्रबंध किए गए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग में बच्चों के लिए स्वेटर देने की व्यवस्था उनके अभिभावकों के खाते में धनराशि भेज कर की गई है तो जरूरतमंदों में कंबल का वितरण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शीतलहर के दौरान जनमानस और जीव जंतुओं के बचाव के लिए सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की भी व्यापक व्यवस्था की जाएगी।
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नेत्र दिव्यांगों को पास बुलवाकर सीएम ने दिए कंबल-भोजन पैकेट
रेलवे स्टेशन रोड स्थित रैन बसेरे के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री योगी जब बाहर जरूरतमंद लोगों में कंबल और भोजन का वितरण कर रहे थे तभी उनकी नजर कुछ दूर पर खड़े कर नेत्र दिव्यांगों पर पड़ गई। उन्होंने फौरन उन्हें अपने पास बुलवा लिया। उन्हें कंबल और भोजन का पैकेट दिया। सीएम ने उनका कुशलक्षेम पूछा और अफसरों को निर्देशित किया कि इन दिव्यांगजन से बात कर यह पता कर लें कि इन्हें शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं। यदि ये योजनाओं के लाभ से वंचित हैं तो इन्हें लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। कचहरी बस स्टेशन के पास स्थित रैन बसेरे का निरीक्षण करने के दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ बुजुर्गों से उनकी उम्र पूछी और उन्हें आश्वस्त किया कि जल्द ही उनके आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनवा दिए जाएंगे।