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Gorakhpur News: इंदौर-रुड़की के विशेषज्ञों की सलाह पर स्वच्छ बनेगी गोरक्षनगरी

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विजन डॉक्युमेंट बनाने के लिए आज से शुरू होगी दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला
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ठोस अपशिष्ट को खुले में जलाने से रोकने के उपायों पर मंथन करेंगे विशेषज्ञ

शहर को 2027 तक खुले में कचरा जलाने से मुक्त शहर बनाने का सीएम ने तय किया है लक्ष्य

गोरखपुर। गोरक्षनगरी को खुले में कचरा जलाने से मुक्त शहर बनाने के लिए नगर निगम कई तरह के प्रयास कर रहा है। इसके लिए डब्ल्यूआरआई इंडिया के सहयोग से मंगलवार और बुधवार को दो दिवसीय ‘ठोस अपशिष्ट को खुले में जलाना: प्रभाव, वैकल्पिक समाधान और बेहतर अपशिष्ट प्रबंधन’ विषयक राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला शहर के एक होटल में होगी। इंदौर, रुड़की और लखनऊ समेत देशभर के विशेषज्ञों और स्थानीय हितधारकों के बीच चर्चा होगी।
नॉन-अटैनमेंट सिटीज की सूची में शामिल गोरखपुर नगर निगम ने हानिकारक प्रदूषकों का स्तर 50 फीसदी से अधिक कम करने में सफलता हासिल की है। इसके लिए मैकेनाइज्ड क्लीनिंग, एंड टू एंड पेविंग, डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन समेत कई उपायों का इस्तेमाल हो रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य 2027 को गोरखपुर को खुले में कचरा जलाने से मुक्त शहर बनाने के लिए एक विजन और रोडमैप बनाना है।
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इसमें मेयर डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव, डब्ल्यूआरआई इंडिया के कार्यक्रम निदेशक कुमार स्वामी भी शामिल होंगे। रिपोर्ट की मदद से विजन डाक्युमेंट तैयार कर उसका तीन साल में क्रियान्वयन कराया जाएगा। खुले में कचरा जलाने से मुक्त शहर का खिताब अभी देश के किसी शहर नहीं मिला है।
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वर्जनशहर की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उद्देश्य है कि गोरखपुर कचरा प्रबंधन प्रणाली को बेहतर कर और नागरिक भागीदारी से खुले में कचरा जलाने से मुक्त शहर बने।
- गौरव सिंह सोगरवाल, नगर आयुक्त
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