घुघली-महराजगंज के बीच 24 किमी लंबाई में मिट्टी-गिट्टी बिछाने के लिए होगा काम
इस रेल लाइन से बिहार की ट्रेनों को चलाने के मिल जाएगा वैकल्पिक मार्ग
गोरखपुर। आनंदनगर-महराजगंज-घुघली नई रेललाइन बिछाने के लिए महराजगंज से घुघली के बीच निर्माण के लिए रेल प्रशासन ने टेंडर फाइनल कर एजेंसी नामित कर दिया है। दशहरा के बाद रेल लाइन बिछाने के लिए काम शुरू होने की उम्मीद है। इसके बनने से बिहार रूट की ट्रेनों को चलाने के लिए एक नई रेललाइन का विकल्प मिल जाएगा।
आनंदनगर-महराजगंज-घुघली (52.7 किमी) नई रेललाइन के लिए दो चरणों में काम होना है। पहले चरण में महराजगंज से घुघली तक काम शुरू होने जा रहा है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर हो चुकी है और अब टेंडर भी फाइनल कर दिया है। महाप्रबंधक ने इस संबंध में अधिकारियों से वार्ता कर कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया है। इसके अलावा दूसरे चरण में घुघली से आनंदनगर तक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इस रेल लाइन पर एक ओवरब्रिज भी बनना है जिसके लिए टेंडर फाइनल हो चुका है। परियोजना के तहत कुल 24 पुल बनने हैं, जिसमें एक बड़ा भी शामिल है। इसके अलावा एक आरओबी, 46 अंडरपास बनाए जाने हैं। इसके अलावा पिपरा मुंडेरी हॉल्ट, महाराजगंज, पकड़ी नौनिया और परीसा बुजुर्ग में रेलवे स्टेशन भी बनना है। नई रेल लाइन बिछ जाने से गोरखपुर रूट की जगह गोंडा से आनंदनगर और महराजगंज होते हुए घुघली तक 42 किमी की दूरी कम हो जाएगी।
53 गांवों से गुजरेगी रेल लाइन
230 हेक्टेयर भूमि पर 53 गांवों से होकर गुजरने वाली 52.7 किमी नई रेल लाइन के निर्माण के लिए 958.27 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत है। यह परियोजना दो चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में घुघली से महराजगंज (24.78 किमी) तक और दूसरे चरण में महराजगंज से आनंदनगर (26.52 किमी) तक रेल लाइन बिछाई जाएगी।
कोट
आनंदनगर से घुघली वाया महराजगंज नई रेलवे लाइन परियोजना के अंतर्गत प्रथम फेज का भूमि अधिग्रहण पूरा होने के साथ ही टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। जल्दी ही इसमें फिजिकल कार्य शुरू होगा, इस कार्य के हो जाने से गोरखपुर को बाईपास करते हुए एक अतिरिक्त रेलमार्ग मिलेगा। उत्तर भारत से पूर्वोत्तर राज्यों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। महाराजगंज जिला मुख्यालय रेलमार्ग से जुड़ जाएगा।
-पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनईआर