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Gorakhpur News: केसरी की मौत से गीता भी उदास...दोनों में बढ़ने लगी थीं नजदीकियां

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केसरी और गीता को पास लाने की थी तैयारी, बाघ के बाड़े को किया गया सैनिटाइज
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गोरखपुर। चिड़ियाघर में पहले गुर्राकर गुस्सा दिखाने वाला बाघ केसरी पिछले कुछ दिनों से सफेद बाघिन गीता से नजदीकियां बढ़ाने लगा था। गुर्राने के बजाय दोनों एक-दूसरे को निहारते रहते थे। केसरी की मौत के बाद गीता उदास दिखाई दे रही है। चिड़ियाघर का स्टाफ उसके तनाव की स्थिति को समझने का प्रयास कर रहा है।



चिड़ियाघर प्रशासन बाघ का कुनबा बढ़ाने को लेकर तैयारी कर रहा था। पीलीभीत से आए केसरी प्रदेश के सबसे शक्तिशाली बाघों में से एक था। इसी को ध्यान में रखते हुए चिड़ियाघर प्रशासन गीता और केसरी की जोड़ी बनाने की कोशिश कर रहा था। पिछले 20 दिनों से दोनों को आमने-सामने रखा जा रहा था, ताकि वे एक-दूसरे के साथ नजदीकियां बढ़ाएं।
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केसरी और सीता के आपसी टकराव से परेशान स्टाफ को कुछ दिन से इसमें काफी हद तक सफलता भी मिल गई थी। दोनों में नजदीकियां बढ़ने लगी थीं। गीता को देखकर केसरी उग्र नहीं होता था। इन बाड़ों में तैनात स्टाफ का मानना है कि दोनों एक-दूसरे को निहारते रहते थे। ऐसा ही कुछ दिन और चलता तो दोनों को एक पास लाया जाता, लेकिन इसके पहले ही केसरी की मौत हो गई। मंगलवार को गीता भी उदास नजर आई। क्रॉल में भी उसकी गतिविधि कम नजर आई। हालांकि, बाघ (अमर) बाड़े में टहलता नजर आया।



बाड़े को किया गया सैनिटाइज


केसरी की मौत रविवार को नाइटसेल में हुई थी। इसके बाद सोमवार को चिड़ियाघर बंद था। ऐसे में कोई भी जानवर बाड़े में नहीं गया। मंगलवार को बाघ के बाड़े में उन्हें छोड़ने से पहले सैनिटाइज किया गया। नाइटसेल, क्रॉल और बाड़े को अच्छे से सैनिटाइज किया गया, ताकि यदि कोई वायरस हो तो वह दूसरे जानवरों तक न पहुंचे। चिड़ियाघर के उप निदेशक एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि मंगलवार को अमर को बाड़े में छोड़ा गया। सभी जानवर पूरी तरह स्वस्थ हैं। टाइगर बाड़ा को अच्छे से सैनिटाइज किया गया है।
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दूसरे बाघों की अपेक्षा शांत था केसरी



डॉ. योगेश ने बताया कि चिड़ियाघर में आने के बाद केसरी की गतिविधियां कम थीं। वह दूसरे बाघों की तुलना में उग्रता कम दिखाता था। एक बार उसने नाइटसेल में कैमरा तोड़ दिया था। इसके बाद 29 मार्च को उसने उग्रता दिखाई। बताया कि आमतौर पर दूसरे वन्यजीव जंगल से आने के बाद किसी भी इंसान को देखकर उग्र होते थे, लेकिन केसरी उनसे अलग था। शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ होने की वजह से उसकी समस्या के बारे में सटीक जानकारी नहीं हो सकी।
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