- मानचित्रों की स्वीकृति के लिए अफसरों की गठित हुई टीम
- निरस्त मानचित्रों को श्रेणीवार विभक्त किया गया
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन का बनाने के लिए जीडीए अपने क्षेत्र के निरस्त हो चुके मानचित्रों को दोबारा स्वीकृत करेगा। इसके लिए गठित टीम की शनिवार को हुई बैठक में इस पर चर्चा की गई। तय हुआ कि जिनके मानचित्र निरस्त हुए हैं, उनसे दोबारा संपर्क कर आपत्तियों का निस्तारण कराते हुए मानचित्र स्वीकृत किया जाएगा और उनसे निर्धारित शुल्क जमा कराया जाएगा।
जीडीए के प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह ने बताया कि इस मामले में मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी के निर्देश पर गठित टीम की एक बैठक हुई। इसमें बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 1419 आवेदन पत्र आए थे, इनमें से 114 निरस्त हो गए थे। इस पर निर्णय लिया गया कि इन निरस्त आवेदनों के आवेदनकर्ताओं से संपर्क कर दोबारा आवेदन किया जाएगा। प्रभारी मुख्य अभियंता ने बताया कि निरस्त आवेदनों का श्रेणीवार वर्गीकरण कर परीक्षण किया गया तो पता लगा कि 17 आवेदन ऐसे हैं जो ग्रीन बेल्ट की वजह से निरस्त किए गए हैं, जिन्हें स्वीकृत करना संभव नहीं है। 80 मानचित्रों को दोबारा स्वीकृत कराने के लिए 10 दिन के अंदर बैठक होगी। इसके अलावा वर्ष 2023-24 में निरस्त 355 मानचित्रों को भी श्रेणीवार विभक्त कर अगली बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा।