मांस-मछली बेचने वाले दुकानदारों ने नहीं लिया है खाद्य सुरक्षा विभाग और नगर निगम से लाइसेंस
दुकानदारों को चिह्नित कर नगर निगम दे रहा नोटिस
गोरखपुर। शहर में संचालित मांस-मछली की सभी दुकानें अवैध हैं। इन दुकानदारों ने खाद्य सुरक्षा विभाग और नगर निगम से लाइसेंस नहीं लिया है। अब नगर निगम ने इन दुकानदारों को चिह्नित कर नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है।
शहर में मांस-मछली बेचने के लिए दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा विभाग के साथ ही नगर निगम से लाइसेंस लेना होता है। गोरखपुर में ऐसी करीब एक हजार दुकानें हैं, लेकिन किसी ने लाइसेंस नहीं लिया है। इन दुकानों पर न तो सफाई का ध्यान रखा जाता है और न ही मांस-मछली को ढककर रखा जाता है।
कई दुकानदार खुले में मांस बेचते हैं, जो कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। नगर निगम ने इन दुकानदारों को नोटिस जारी कर कहा है कि वे जल्द से जल्द लाइसेंस प्राप्त करें और अपनी दुकानों पर सफाई का ध्यान रखें। अगर दुकानदारों ने नोटिस का जवाब नहीं दिया और लाइसेंस नहीं लिया, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
खुले में हो रही बिक्री
धर्मशाला ओवरब्रिज के नीचे रोजाना मांस-मछली की दुकानें लगती हैं। यहां खुले में मीट काटकर बेचा जाता है। उसका ज्यादातर कचरा वहीं फेंक दिया जाता है, जिससे बदबू आती है। शनिवार की शाम भी वहां यही स्थिति रही। मांस-मछली न खाने वाले लोग वहां से गुजरते वक्त परेशान हो गए। हार्बर्ट बंधा पर भी शाम के समय मीट की दुकानें लगती हैं। यहां दुकानदार खुले में ही मीट बेचते हैं। जबकि खुले में मांस बेचना प्रतिबंधित है।
वर्जन...
शहर में मांस-मछली बेचने वाले दुकानदारों को चिह्नित कर नोटिस दिया जा रहा है। अगर कोई दुकानदार नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने के लिए नगर निगम प्रतिबद्ध है।
- दुर्गेश मिश्रा, अपर नगर आयुक्त