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Gorakhpur News: पाउडर से पनीर बनाने का कारखाना सील, लाइसेंस निरस्त

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खाद्य सुरक्षा विभाग ने गोपालपुर सियारामपुर में छापा मारकर पकड़ी थी खराब पनीर
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खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट के खिलाफ चला रखा है अभियान
गोरखपुर। रिफाइंड और केमिकल से पनीर बनाने वाले गोपालपुर सियारामपुर गांव के अमृत डेयरी को सील कर दिया गया है। इसके लाइसेंस को भी निरस्त कर दिया गया है। साथ ही इस कारखाने के असल मालिक की भी तलाश शुरू होने से धंधेबाजों में खलबली मच गई है।
सरहरी इलाके के गोपालपुर-सियारामपुर गांव में डेयरी प्रोडक्ट बनाने वाली फर्म अमृत डेयरी में केमिकल और पाउडर से पनीर तैयार किया जा रहा था। इसकी आपूर्ति गोरखपुर शहर के अलावा पड़ोसी जिला कुशीनगर और महराजगंज में भी हो रही थी। सोमवार खाद्य सुरक्षा विभाग की अंतर जनपदीय टीम ने अमृत डेयरी के कारखाना पर छापा मारकर करीब दो क्विंटल तैयार पनीर, रिफाइंड ऑयल, मिल्क पाउडर, सैक्रीन और केमिकल सेफोलाइट व डेयरी व्हाइटनर आदि बरामद किया था। पूछताछ में पता लगा कि इन पाउडर व केमिकल के इस्तेमाल से ही पनीर बनाया जाता है। इसके बाद टीम ने स्टोर में मिले दो क्विंटल पनीर को नष्ट करा दिया और सामान जब्त कर लिया था।
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मंगलवार को खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस डेयरी के लाइसेंस को निरस्त करते हुए कारखाने को सील करा दिया। यहां से दही व पनीर का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।
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कारखाने के असली मालिक की हो रही तलाश
इस फर्म का पंजीकरण राकेश कुमार शुक्ला पुत्र राम बहादुर के नाम है। लेकिन, फर्म का असल संचालक शहर के धर्मशाला इलाके का एक पनीर विक्रेता है। इस संचालक के बारे में भी खाद्य सुरक्षा टीम ने छानबीन शुरू कर दी है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि पाउडर व रिफाइंड से तैयार मिलावटी पनीर को बड़े विक्रेताओं को 150 रुपये किलो के भाव से उपलब्ध कराते थे। फुटकर में यही पनीर 220 रुपये किलो के भाव मिल रही थी।
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कोट
अंतर जनपदीय टीम ने जिस कारखाने को पकड़ा था, उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। इसके अलावा मंगलवार शाम को कारखाना सील करा दिया गया। मिलावट के धंधेबाजों के खिलाफ लगातार अभियान चलता रहेगा।
डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य-2
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