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Gorakhpur News: तनाव के माहौल में सुबह-सुबह धमाका..मिसाइल नहीं सुपरसोनिक बूम

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दहल उठा दक्षिणांचल, डायल 112 पर आने लगीं सूचनाएं, जिला प्रशासन ने पत्र जारी कर सुपरसोनिक बूम की आवाज बताई
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गोरखपुर। जिले के दक्षिणांचल में मंगलवार सुबह करीब नौ बजे आकाश में तेज धमाके जैसी आवाज से पूरा इलाका दहल गया। खजनी, बांसगांव, गोला, धुरियापार, उरुवा, बेलघाट के 25 से 30 किलोमीटर के क्षेत्र में लोगों ने आवाज सुनने का दावा किया। हालांकि बाद में जिला प्रशासन ने इसे वायुसेना के अभ्यास के दौरान सुपरसोनिक बूम की आवाज बताई।



धमाके जैसी आवाज के बाद डायल 112 पर भ्रामक सूचनाएं आने लगीं। यही नहीं, सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अफवाहें वायरल होने लगीं। आनन-फानन में जिला प्रशासन ने धमाके के संबंध में वायु सेना से बात कर पत्र जारी किया। इसके बाद अफवाहों पर विराम लग गया।
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अपर जिलाधिकारी व आपदा प्रभारी अधिकारी ने पत्र जारी कर बताया कि वायु सेना की ओर से नियमित रूप से अभ्यास किए जाते हैं। इसमें स्पीड ऑफ साउंड की गति से अधिक वायुयान की गति अत्यधिक तीव्र होती है। इस दौरान सुपरसोनिक बूम की आवाज सुनाई पड़ती है।



लोग खोजने लगे मलबा



धमाके जैसी आवाज के बाद खजनी, बांसगांव, गोला, धुरियापार, उरुवा, बेलघाट व आसपास के लोग मलबा खोजने लगे। लोगों का लगा कि अगर आवाज आई है तो कुछ न कुछ मलबा जमीन पर भी गिरा होगा। हालांकि काफी देर बाद किसी को कुछ नहीं मिला। सिकरीगंज इलाके में एक गांव में लोगों ने धुआं उठने की सूचना दी। मौके पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंच गई। इसी तरह गोला, खजनी में भी सूचनाओं पर पुलिस दौड़ती रही। हालांकि कहीं कुछ नहीं मिला।



भारत-पाक तनाव के चलते सतर्क दिखे लोग



भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव के बीच धमाकों की खबरें आ रही हैं। ऐसे में लोग सतर्कता बरत रहे हैं। यही कारण है कि आवाज हुई तो सभी अपने-अपने हिसाब से अनुमान लगाने लगे। पुलिस और तहसील प्रशासन के अधिकारियों को फोन किया जाने लगा। सभी ने आवाज सुनने की बात बताई लेकिन किसी घटना से इनकार किया। फिर भी लोग असल कारण जानने को बेताब रहे।



जानिए सुपरसोनिक बूम के बारे में



एयरफोर्स नियमित रूप से अभ्यास करता है। फाइटर प्लेन से जब सुपरसोनिक बूम निकलता है तो तेज आवाज होती है। प्रशासन का कहना है कि यह रूटीन अभ्यास का हिस्सा है। सुपरसोनिक बूम या सोनिक बूम एक तेज आवाज है, जो तब उत्पन्न होती है जब कोई वस्तु ध्वनि की गति (लगभग 1235 किमी/घंटा) से तेज गति से गुजरती है। यह आवाज ध्वनि तरंगों के संकुचित होने से बनती है और विस्फोट या वज्रपात जैसी आवाज सुनाई देती है।



दहशत में आ गए थे ग्रामीण



दक्षिणांचल के सिकरीगंज, महादेवा बाजार, बेलघाट, उरुवा, तिवारीपुर गांव में सुबह आवाज के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई। स्थानीय नागरिक महेंद्र शुक्ला, बद्री विशाल शुक्ल, मनोज तिवारी, सूरज सहित तमाम लोगों के अनुसार, सुबह करीब नौ बजे के आसपास तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। इसके बाद आसमान में काले धुएं के गुबार दिखाई दिए। कुछ लोगों ने बताया कि धमाका तेज था कि घरों की खिड़कियां तक चटक उठीं। तिवारीपुर गांव के सूरज गौड़ ने पुलिस को सूचना भी दी।



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कोट-



आवाज काफी तेज थी। इससे कंपन भी महसूस हुआ। आवाज एक विस्फोट की तरह थी। इसे सुनकर उस वक्त स्थानीय दुकानदार डर के वजह से अपनी दुकानों से बाहर निकल आए। चारों तरफ बहुत सारे पक्षी उड़ने लगे थे।



- डॉ. रोहित चंद कौशिक, नर्रे बुजुर्ग



अचानक बहुत तेज आवाज आई। इसके बाद लोगों को समझाया कि भारतीय वायुसेना में राडार पर कार्य कर चुका हूं। डरने की जरूरत नहीं है। सुपरसोनिक विमान (फाइटर जहाज) गुजरने के कारण एक बूम उत्पन्न होता है। यह ध्वनि के तर॔ंगों के संकुचित होने के कारण बनती है। पठानकोट एयरबेस पर पांच वर्ष ड्यूटी किया हूं।



- एमपी त्रिपाठी, वायुसेना, सेवानिवृत



पाकिस्तान पर विश्वास करना बहुत मुश्किल है। इसलिए एक पल के लिए लगा कि उसने हमला कर दिया है। कुछ समय बाद पता चला कि एक जेट प्लेन उड़ते हुए गया। उसके गुजरने के दौरान ही तेज आवाज आई है। कहीं कोई हादसा नहीं हुआ। इसके बाद भी मन बहुत विचलित था।
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- रामराज यादव, रकौली


धमाके की आवाज ने क्षेत्र में लोगों को चिंता में डाल दिया। सुबह नौ बजे के लगभग काम पर निकलने की तैयारी कर रहा था, तभी आवाज सुनाई दी। इससे लगा कि कहीं बड़ी घटना हो गई है। सिकरीगंज व अन्य जगहों से रिश्तेदारों के कॉल भी आने लगे। सभी ने धमाके की आवाज सुनने की बात कही।



- अनिरुद्ध जायसवाल, देवकली
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