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कलावती हत्याकांड: 10 दिन बाद भी नहीं मिला कातिल, अब करीबी पर पुलिस को शक- धड़ से अलग कटा मिला था सिर

Tue, 07 Oct 2025 02:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

पुलिस ने मृतका की बहू उत्तरा देवी और भतीजे से घंटों पूछताछ की। दोनों के मोबाइल कब्जे में लेकर कॉल डिटेल व लोकेशन ट्रेस की, लेकिन कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली। पुलिस के अनुसार बहू ने कलावती के बेटे से दूसरी शादी की थी। पहले पति से एक बेटी है। जो पूछताछ के दौरान अक्सर मृतका की बहू अपने पास ही रखती है।
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मृतक महिला कलावती की फाइल फोटो और मौके पर जांच कर पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के भुईधरपुर गांव की 60 वर्षीय कलावती यादव की सिर कटी लाश मिलने के दस दिन बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है। 26 सितंबर की सुबह खेत किनारे सिर कटी लाश मिलने से गांव में सनसनी फैल गई थी। अब तक पुलिस ने करीब 200 लोगों से पूछताछ की, 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले, लेकिन कातिल का कोई निशान नहीं मिला।

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पुलिस अब हत्या में घर के भीतर वाले एंगल पर फोकस कर रही है। मृतका के परिवार के दो सदस्यों पर शक जताया जा रहा है। भुईदरपुर गांव में बीते बृहस्पतिवार को कलावती देवी की गला काटकर हत्या कर दी गई थी। उनका सिर कपड़े में लपेटकर शव से करीब 500 मीटर दूर फेंका गया था।

कलावती देवी पति दर्शन यादव की मौत के बाद अपने दो बेटों, बहू और बेटी के साथ रहती थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि कलावती की गर्दन एक ही वार में काटी गई थी। नवरात्र के समय को देखते हुए पुलिस ने बलि की आशंका पर भी जांच की और गांव व आसपास के 10 तांत्रिकों से पूछताछ की।

भुईधरपुर के दो तांत्रिकों की कॉल डिटेल खंगाली गई, जिनमें से एक मृतका का रिश्तेदार बताया जा रहा है। हालांकि, अब तक कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला। विद्वानों ने भी यह आशंका खारिज की कि किसी विधवा की बलि दी जा सकती है।

पुलिस कैंप और गांव में डर का माहौल
हत्या के बाद पुलिस गांव के पास स्थित चौराहे पर लगाकर लगातार ग्रामीणों से बयान दर्ज किए जा रहे हैं, लेकिन गांव में डर और अंधविश्वास का माहौल बना हुआ है। जिस रास्ते पर लाश मिली थी, वहां रात में अब कोई नहीं जाता। ग्रामीणों का कहना है कि आत्मा भटकती है। बच्चे स्कूल जाने से डरते हैं और लोग एक-दूसरे पर शक करने लगे हैं।

घरवालों से गहन पूछताछ, बहू और भतीजे पर नजर
पुलिस ने मृतका की बहू उत्तरा देवी और भतीजे से घंटों पूछताछ की। दोनों के मोबाइल कब्जे में लेकर कॉल डिटेल व लोकेशन ट्रेस की, लेकिन कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली। पुलिस के अनुसार बहू ने कलावती के बेटे से दूसरी शादी की थी। पहले पति से एक बेटी है। जो पूछताछ के दौरान अक्सर मृतका की बहू अपने पास ही रखती है। पुलिस अब बहू की बेटी से पूछताछ करने की तैयारी में है।

दो गड़ासे और झोला बने रहस्य
घटनास्थल से दो गड़ासे और एक झोला बरामद हुआ। परिवार ने साफ कहा कि ये औजार कलावती के नहीं थे। पुलिस अब इनके फिंगरप्रिंट और डीएनए रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिससे हत्यारे की पहचान संभव हो सकती है।

डॉग स्क्वॉड बार-बार लौटा कलावती के घर
डॉग स्क्वॉड टोनी को कलावती के कपड़े सुंघाए गए तो वह बार-बार उनके घर और आसपास ही घूमता रहा। इससे पुलिस को यकीन हुआ कि हत्या किसी करीबी या परिचित ने ही की है। यहीं नहीं शंका को दूर करने के लिए डॉग स्क्वॉड की टीम दोबारा खोजी कुत्ते को लेकर पहुंची तो वह दोबारा घर और आसपास घूमते हुए नल तक पहुंच गया। इसके बाद पुलिस की सुई घर के ही लोगों पर टीक गई है।

सीसीटीवी में नहीं दिखी कलावती
गांव और आसपास के करीब 200 लोगों के बयान दर्ज किए गए। इसके साथ ही आसपास लगे करीब 50 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर भी कलावती को गांव से बाहर जाते नहीं देखा गया। इससे पुलिस को शक है कि हत्या घर के आसपास ही हुई और शव बाद में खेत में फेंका गया।

पुलिस के लिए चुनौती बना केस
पीपीगंज पुलिस, सर्विलांस और क्राइम ब्रांच की टीमें लगातार जांच में जुटी हैं। वैज्ञानिक जांच और लोकेशन ट्रैकिंग के बावजूद पुलिस के पास अब तक केवल अनुमान हैं, सबूत नहीं। यह केस अब जिले की सबसे रहस्यमय और चुनौतीपूर्ण हत्याओं में शामिल हो गया है।
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हत्या में किसी नजदीकी का हाथ होने के साक्ष्य मिले हैं। साक्ष्य संकलन किया जा रहा है। जल्द ही वारदात का पर्दाफाश किया जाएगा: जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी नार्थ
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