खतरा देख प्रशासन ने ज्ञानकोल गांव छोड़ने का दिया है निर्देश, ग्रामीण गांव छोड़ने को तैयार नहीं
नदी के कटान से गांव के 16 घर जद में, घर से जरूरी समान निकालकर सुरक्षित जगह पहुंचाया
बीते 24 घंटे में सरयू के जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी
चिल्लूपार। बड़हलगंज क्षेत्र में सरयू नदी तेजी से कटान कर रही है। यहां ज्ञानकोल गांव कटान के मुहाने पर है। खतरे को देखते हुए प्रशासन ने गांव खाली करने के निर्देश दिए हैं लेकिन ग्रामीण घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं। उधर, बंशी यादव के घर के पास कटान इतनी तेज है कि कभी भी घर नदी में समाहित हो सकता है। वहीं, राम जानकी मार्ग से ज्ञानकोल गांव को जाने वाले मार्ग पर बाढ़ का पानी चढ़ गया है।
बड़हलगंज क्षेत्र में बहने वाली सरयू नदी का जलस्तर पिछले दो दिनों से लगातार बढ़ रहा है। बुधवार शाम चार बजे नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 85 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। बताया जा रहा है कि दो दिन में नदी का जलस्तर 60 सेंटीमीटर बढ़ा है। जानकारी के अनुसार, सरयू नदी की मुख्य धारा के आसपास लगभग एक दर्जन गांव बसे हैं। दियारा क्षेत्र के गौरी साहनी, नवनाथ, सोनू, गंगापाल, बहादुर, राहुल का कहना है कि धान की फसल के साथ ही पशुओं के लिए चारा के डूबने का डर है।
राम जानकी- ज्ञानकोल गांव जाने वाले संपर्क मार्ग पर बाढ़ का पानी
बुधवार को जलस्तर बढ़ने से राम जानकी मार्ग से ज्ञानकोल गांव को जाने वाले मार्ग पर बाढ़ का पानी चढ़ गया है। अधिकारी बाढ़ के पानी के रास्ते बचाव कार्य और कटान का निरीक्षण करने पहुंचे रहे हैं। तेजी से बढ़ रहे जलस्तर के कारण तटवर्ती गांवों में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराता नजर आने लगा है। इसके अलावा बचाव कार्य करा रहे सिंचाई विभाग के जिम्मेदारों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं। पानी के रास्ते कटान रोधी सामग्री पहुंचाना मुश्किल होने लगा है। वहीं, बचाव कार्य भी प्रभावित होने लगेगा। सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता लेबल वन अवधेश कुमार सिंह ने अधीक्षण अभियंता जयप्रकाश सिंह और अधिशासी अभियंता वैभव सिंह के साथ कटान स्थल का मुआयना किया। ग्रामीणों की मौजूदगी में उन्होंने गांव को कटान बचाने के लिए आवश्यक उपाय कराने का आश्वासन भी दिया।
बोले ग्रामीण
हर वर्ष बाढ़ आती है और कटान होता है, लेकिन कोई पूछने वाला नहीं है। कटान रोकने का कार्य संबंधित विभाग करता है फिर भी कटान नहीं रुक रहा है। घर कटने के कगार पर है। कोई सुविधा अबतक नहीं मिली है। मवेशी और परिवार के साथ गांव में हूं। घर छोड़कर जाने की इच्छा नहीं हो रही है।
-बंशी यादव, निवासी, ज्ञानकोल
- पशुओं और परिवार जनों को राहत शिविर में लेकर कैसे जाएं। प्रशासन के लोग तो घर खाली कराने को कहकर चले गए।वर्षों से बनाए घर को छोड़कर जाना इतना आसान नहीं है। घर कटने के बाद हम लोगो के पास कोई विकल्प नहीं है। प्रशासन चाहता तो हम लोगों को कहीं दूसरी जगह बसा देता। सरयू नदी ने खेती पहले ही छीन लिया है।
-कंता यादव, निवासी, ज्ञानकोल
- प्रशासन को समुचित व्यवस्था करने बाद ही गांव खाली कराने का आदेश देना चाहिए। बाढ़ राहत शिविर में मवेशी और परिवार के लोग कहां रहेंगे। घर पर पानी चढ़ जाएगा तो ऊंचे स्थानों और राहत शिविर में जाने के लिए सोचेंगे।
-रमायन यादव, निवासी, ज्ञानकोल
- घर के पास कटान तेज हो रहा है। कभी भी घर नदी में समाहित हो सकता है। आबादी के किनारे कटान रोकने का काम हो रहा है। सामान निकालकर सुरक्षित स्थान पर भेज दिए हैं। परिवार और पशुओं के साथ गांव के घर पर ही हैं।
- जनार्दन यादव, निवासी, ज्ञानकोल
कोट
सरयू का जलस्तर बढ़ रहा है। नदी खतरे के निशान से 85 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बाढ़ का पानी ग्राउंड लेवल पर फैलने लगा है। ज्ञानकोल गांव को जाने वाली सड़क पर पानी चढ़ गया है। ग्रामीण गांव में ही परिवार व मवेशियों के साथ रूके हुए हैं। हालांकि ग्रामीणों ने जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित जगह पहुंचा दिया है। कटान पर नियंत्रण है। विभाग के कर्मचारी बचाव कार्य करा रहे हैं। लगातार निगरानी की जा रही है।
-विकास कुमार सिंह, मुख्य अभियंता, गंडक
कटान पर अंकुश लगा है। गांव वाले घर से जरूरी सामान निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर चुके हैं। कटान पर नियंत्रण होने से लोग गांव में रुके हुए हैं। लोगों से बाढ़ राहत शिविर में जाने के लिए कहा जा रहा है। वहां सभी व्यवस्था है। नायब तहसीलदार और लेखपाल मौके पर मौजूद हैं। लगातार निगरानी की जा रही है। - अमित कुमार जायसवाल, एसडीएम, गोला