गोरखपुर। हिंदी बाजार में शुक्रवार को एक बार फिर तब हड़कंप मंच गया, जब चर्चा शुरू हो गई कि एक जांच एजेंसी की टीम आई है या आने वाली है। दो दिन पहले हिंदी बाजार में डीआरआई की टीम ने छापा मारा था। चर्चा है कि एजेंसी की नजर हिंदी बाजार के उन धंधेबाजों पर पर है, जो चोरी के गहने खरीदते हैं। पुलिस के आलाधिकारी भी बाजार में दोबारा एजेंसी के आने की चर्चा पर सतर्क रहे।
दरअसल, हिंदी बाजार में दो दिन पहले डीआरआई की टीम ने छापा मारा था। अयोध्या के पास से 500 ग्राम सोने के साथ एक तस्कर हिरासत में लिया गया था। उससे पूछताछ में इस मामले में हिंदी बाजार कनेक्शन सामने आया तो टीम पहुंची थी। सूत्रों ने बताया कि बाजार में जांच करने आई टीम साप्ताहिक अवकाश की वजह से प्रतिष्ठान पर जांच नहीं कर सकी। धंधेबाज की तीन फर्में जांच के दायरे में है।
सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को पहले बाजार में चर्चा छिड़ी कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम आ गई है। इसके बाद एक दूसरी केंद्रीय एजेंसी के आने की सूचना आई। आधिकारिक पुलिस सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को हिंदी बाजार में कई अलग-अलग एजेंसियों के आने की चर्चा उठी थी, लेकिन किसी की पुष्टि नहीं हो सकी।
हालांकि, एक मामले में चोरी के जेवर हिंदी बाजार के किसी दुकान पर बेचे जाने की भी बात सामने आई। सूत्रों की मानें तो प्रदीप नाम के युवक के साथ दूसरे राज्य की पुलिस आई थी। प्रदीप का हिंदी बाजार में सीधा कनेक्शन है। सूत्रों ने बताया कि इसी नाम के किसी शख्स के पास अक्सर ये चोर के जेवरों को बेचता था। इसी के साथ उक्त दुकान के पास एजेंसी की टीम गई थी। सूत्रों ने बताया कि इस खरीद-बिक्री के सौदे को समझने के लिए एजेंसियां साथ में प्रदीप को भी लेकर गईं।
कौन है प्रदीप, सभी अंजान
हिंदी बाजार में प्रदीप नाम की चर्चा शुरू होने पर पता चला कि इस नाम से कोई परिचित नहीं है। इसी बीच अवैध सोने और खरीद-बिक्री में जांच एजेंसियों के सामने आए नाम वाली फर्म पर भी टीम के जाने की सूचना आ गई। हालांकि, दोपहर बाद धंधेबाज के दुकान पर आने के बाद अफवाह शांत हुई।
मनी लांड्रिंग मामले की भी चर्चा
हिंदी बाजार में यह भी चर्चा रही कि मनी लांड्रिंग मामले में कुशीनगर के अतुल श्रीवास्तव को ईडी की टीम साथ ले गई है। सूत्रों ने बताया कि बृहस्पतिवार रात में एजेंसी की टीम कुशीनगर के पडरौना पहुंच गई थी। इसी आधार पर गोरखपुर के हिंदी बाजार से भी इसी अतुल को गिरफ्तार किए जाने की चर्चा रही। चर्चा है कि अतुल को हिंदी बाजार से ही टीम अपने साथ लेकर पडरौना लेकर गई थी। हालांकि, जिले की पुलिस ने ईडी के द्वारा शहर से किसी को हिरासत में लेने से इनकार किया है।