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डिजिटल अरेस्ट : पुलिस ने रिटायर्ड शिक्षक के वापस कराए 13.87 लाख रुपये, 14 लाख रुपये की हुई थी जालसाजी

Wed, 27 Aug 2025 12:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

इसके बाद उसने बचने के लिए 14 लाख रुपये मांगे। उसने मोज बेनीवाल नाम के व्यक्ति का खाता नंबर देकर रुपये भेजने को कहा। उनका पंजाब नेशनल बैंक में खाता है। अगले दिन 28 जुलाई को बैंक जाकर 14 लाख रुपये मोज बेनीवाल नाम के बैंक खाते में जमा करवा दिए। रुपये जमा करने के बाद जालसाज की कॉल नहीं आई।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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विस्तार
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गोरखनाथ थाना क्षेत्र के रिटायर्ड शिक्षक को डिजिटल अरेस्ट कर जालसाजी के मामले में पीड़ित को राहत मिली है। खुद को एनआईए का अधिकारी बताकर उनसे 14 लाख रुपये ठग लिए गए थे। साइबर क्राइम पुलिस ने पीड़ित के 13.87 लाख रुपये वापस करवा दिए हैं।
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पुलिस ने संबंधित बैंक से पत्राचार कर भेजी गई रकम को खाते में होल्ड करा दिया था जिससे वह वापस मिल गई। मंगलवार को पीड़ित ने एसपी सिटी अभिनव त्यागी से मिलकर पुलिस टीम के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
जानकारी के मुताबिक, गोरखनाथ थाना क्षेत्र के रहने वाले इंद्रजीत शुक्ल रिटायर्ड शिक्षक हैं।

साइबर अपराधी। - फोटो : amar ujala
उन्होंने तहरीर देकर बताया था कि 27 जुलाई को अपराह्न तीन बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सएप कॉल की। उसने कहा-एनआईए का अधिकारी बोल रहा हूं। तुम पाकिस्तानी आतंकवादियों से बात करते हो। आतंकवादियों से रुपये की लेन-देन भी करते हो। तुम्हें 24 घंटे डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। जांच होगी।

यह सुनकर वह हैरान रह गए। उन्होंने कहा-आपको गलतफहमी हो गई है। इतना सुनते ही कॉल करने वाला उन्हें डांटने लगा। कहा- समझाने की कोशिश मत करो। तुम्हारे खिलाफ साक्ष्य मौजूद हैं। इसकी मदद से सजा करा दूंगा और तुम्हारी जिंदगी हमेशा के लिए खराब कर दूंगा।
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डिजिटल अरेस्ट, - फोटो : social media
इसके बाद उसने बचने के लिए 14 लाख रुपये मांगे। उसने मोज बेनीवाल नाम के व्यक्ति का खाता नंबर देकर रुपये भेजने को कहा। उनका पंजाब नेशनल बैंक में खाता है। अगले दिन 28 जुलाई को बैंक जाकर 14 लाख रुपये मोज बेनीवाल नाम के बैंक खाते में जमा करवा दिए। रुपये जमा करने के बाद जालसाज की कॉल नहीं आई।

उन्होंने कॉल कर बात करनी चाही तो नंबर बंद बताने लगा। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। मामले में केस दर्ज कर साइबर थाने की टीम जांच कर रही थी। रुपये वापस दिलाने में साइबर थाने के प्रभारी निक्षक रसीद खां, निरीक्षक सुभाष चंद, उप निरीक्षक उपेंद्र सिंह, काॅन्स्टेबल प्रमोद यादव ने अहम भूमिका निभाई।
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