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Gorakhpur News: कभी कुसम्ही जंगल में दहशत थी डायना की...अब खुद खौफ में

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अपराध से अर्जित रुपये से खरीदी गई डायना के इस प्रापर्टी को पुलिस ने किया जब्त।
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खौफ का पर्याय बन गया था दयाशंकर उर्फ देवेंद्र निषाद, दहशत से उसका पड़ गया डायना
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राजनीति में पैठ बनाने की भी की थी कोशिश, पुलिस कर रही संपत्ति कुर्क

गोरखपुर। कुसम्ही जंगल में कभी दयाशंकर उर्फ देवेंद्र निषाद उर्फ डायना खौफ का पर्याय माना जाता था। उसके आतंक का आलम यह था कि लोगों की जंगल में आवाजाही कम हो गई थी। इसी वजह से उसका नाम डायना पड़ गया। अब वही डायना पुलिस की कड़ी कार्रवाई की जद में है और भागा फिर रहा है। उसके खिलाफ कुर्की और गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई चल रही है। मंगलवार को अपराध से कमाई उसकी करीब एक करोड़ की संपत्ति कुर्क भी की गई।
एम्स थाने के रामगढ़ रजही टोला रमसरिया निवासी दयाशंकर उर्फ डायना का नाम जिले के शातिर बदमाशों में गिना जाता रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसके खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी, दुष्कर्म और धमकी जैसे कई गंभीर केस दर्ज हैं। शुरुआती दिनों में वह जंगल से लकड़ियां कटवाकर बेचता था, धीरे-धीरे उसने अपराध की राह पकड़ ली। उसने पांच लोगों का गिरोह बनाया जो प्रेमी-प्रेमिकाओं को पकड़कर उनका अश्लील वीडियो बनाते, फिर उन्हीं वीडियो के आधार पर रंगदारी वसूलता था। कई मामलों में दुष्कर्म के भी आरोप हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह वर्षों तक जंगल में सक्रिय रहा और ग्रामीणों के बीच भय का माहौल बनाए रखा। डायना का नाम अब भले ही अपराध की दुनिया में इतिहास बन चुका हो, लेकिन उसके आतंक की कहानियां आज भी कुसम्ही के जंगलों और गांवों में सुनी जातीं हैं।
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दो शादी की थीं डायना ने
ग्रामीणों के अनुसार, डायना की दो शादियां हुई हैं। पहली पत्नी से दो बेटे राजवीर और दीपक और एक बेटी है। दूसरी शादी उसने करीब पांच वर्ष पहले की थी, हालांकि इस विवाह से कोई संतान नहीं है। परिवार के लोग तीन कमरों के मकान में रहते हैं।

पत्नी प्रधानी हारी और भाई जमा है सपा में
अपराध की दुनिया में दबदबा कायम करने के बाद डायना ने राजनीति में भी पांव जमाने की कोशिश की। साल 2021 के पंचायत चुनाव में उसने अपनी पत्नी संगीता को ग्राम प्रधान पद के लिए मैदान में उतारा था लेकिन जनता ने उसे नकार दिया और वह चौथे स्थान पर रही। दिलचस्प बात यह है कि उसका बड़ा भाई महेंद्र निषाद सपा से जुड़ा हुआ है।

परिजनों ने बताया राजनीतिक साजिश
भाई महेंद्र निषाद ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है। जून 2024 में जंगल में हुई लूट के मामले में मुख्य आरोपी देवरिया के रजनीश तिवारी और कुसम्ही के अभिषेक राजभर थे, लेकिन बाद में मेरे भाई देवेंद्र का नाम भी जोड़ दिया गया। महेंद्र का दावा है कि इस कार्रवाई के पीछे राजनीतिक प्रतिशोध छिपा है।
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कोट
दयाशंकर उर्फ डायना पर लगातार केस दर्ज हुए हैं जिसके चलते उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। उसकी अवैध संपत्तियों की कुर्की भी की जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि उसके गिरोह के कुछ गुर्गे भागे हुए हैं, जिनकी तलाश जारी है।

- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
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