15 अगस्त को विनोद वन घूमने आए दंपती से लूट मामले में डायना गिरोह के दो गुर्गों को पुलिस ने सोमवार देर शाम जंगल में मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि दोनों ने पुलिस पर फायरिंग भी की। लेकिन पुलिस ने बचाव करते हुए उन्हें पकड़ लिया।
उनकी पहचान एम्स इलाके के कुसम्ही कोठी निवासी अभिषेक राजभर व चौरीचौरा के रौतनिया सरदारनगर निवासी अरुण यादव के रूप में हुई। मंगलवार को पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया।
मामले में 17 अगस्त को एम्स थाना प्रभारी संजय मिश्रा ने केस दर्ज कराया। 18 अगस्त को मुखबिर के जरिये पुलिस को सूचना मिली कि कुसम्ही जंगल में दंपती से लूट के आरोपी इस समय जंगल में ही मौजूद हैं। सूचना पर विनोद वन के आगे आमबाग के पास पुलिस पहुंची थी कि मुखबिर ने दो लोगों की ओर इशारा किया।
पुलिस को देखते ही दोनों भागने लगा। पुलिस ने दोनों को जंगल की ओर दौड़ाकर घेरा तो पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस खुद को बचाते हुए दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। इसमें से एक से तमंचा बरामद किया गया, जबकि दूसरे के जेब से कारतूस बरामद हुआ। मंगलवार दोपहर बाद पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
यह था मामला
झंगहा थाना क्षेत्र के वनसप्ती गांव निवासी निकेष निषाद बीते 15 अगस्त को पत्नी के साथ कुसम्ही जंगल घूमने गए थे। वह वहां पत्नी के साथ फोटो खींच रहे थे तभी डायना गिरोह के दो गुर्गे आ धमके। उन्होंने उनके मोबाइल से वीडियो बनाया और धमकी दी कि अगर रुपये नहीं दिए तो सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे।
विरोध पर बदमाशों ने गमछे से उनका गला कसकर मारने की कोशिश की। उनकी जेब में रखे 1400 रुपये छीनकर भाग गए थे। घटना के बाद आरोपियों ने उन्हें कॉल कर और रुपये की मांग शुरू कर दी थी। इसके बाद पीड़ित ने थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया था।