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दीपक हत्याकांड : कई और पुलिसकर्मियों पर हो सकती है कार्रवाई

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एडीजी और आईजी की गोपनीय जांच में कई और पुलिस कर्मी किए गए चिंहित
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अब तक 50 पुलिस कर्मियों से अधिक पर गिर चुकी है गाज
चिलुआताल थाना प्रभारी को मिला पिपराइच का चार्ज, तिवारीपुर थानेदार को मिला चिलुआताल का जिम्मा

गोरखपुर। पिपराइच के जंगल धूसड़ महुआचाफी गांव में छात्र दीपक गुप्ता की हत्या मामले में कई और पुलिसकर्मियों पर गाज गिर सकती है। बताया जा रहा है कि एडीजी और आईजी की गोपनीय जांच में पुलिस कर्मी चिह्नित किए गए हैं। हत्याकांड में अब तक 50 से अधिक पुलिसकर्मी कार्रवाई हो चुकी है। सोमवार देर रात पिपराइच थानेदार को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया। मंगलवार को एसएसपी राजकरन नय्यर ने चिलुआताल थानेदार अतुल श्रीवास्तव को पिपराइच का नया प्रभारी नियुक्त किया। जबकि तिवारीपुर थानाप्रभारी रहे सूरज सिंह को चिलुआताल थाने का कार्यभार सौंपा गया है।

एडीजी जोन मुथा अशोक जैन के निर्देश पर 18 सितंबर को कुशीनगर जिले में दो थानेदार, चार चौकी प्रभारी और 33 पुलिसकर्मी लाइनहाजिर किए गए थे। गोरखपुर में भी पिपराइच के जंगल धूसड़ चौकी प्रभारी ज्योति नारायण तिवारी और चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद पिपराइच थाने से जुड़े चार और सिपाही हटाए गए। जंगल छत्रधारी चौकी प्रभारी विनय सिंह पर लापरवाही के आरोप लगने पर उन्हें लाइनहाजिर किया गया और विकास सिंह को चौकी प्रभारी बनाया गया। इसके अलावा, गुलरिहा और पिपराइच थाने में तैनात छह सिपाहियों को भी गोपनीय जांच रिपोर्ट के आधार पर लाइनहाजिर किया गया। इनके खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि वे कर्तव्य के प्रति उदासीन रहते हैं।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई का यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं होगा। एडीजी जोन मुथा अशोक जैन और डीआईजी रेंज डॉ. एस. चनप्पा की निगरानी में चल रही गोपनीय जांच में कई और नाम भी चिन्हित किए गए हैं, जिन पर जल्द कार्रवाई के आसार हैं। पूरे मामले ने न सिर्फ पुलिस महकमे की छवि को प्रभावित किया है, बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि थानों और चौकियों में कर्तव्य पालन के प्रति गंभीर निगरानी की आवश्यकता है।
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