सीजेएम ने शाहपुर थाने को केस दर्ज कर विवेचना का दिया आदेश
गोरखपुर। वन दरोगा ने सिविल कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर क्षेत्रीय वन अधिकारी (सीओ) पर अवैध वसूली का दबाव बनाने और उसे मारने-पीटने का आरोप लगाया था। पत्र का संज्ञान लेते हुए मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) त्विषी श्रीवास्तव ने सीओ अमन जैन के विरुद्ध केस दर्ज कर विवेचना का आदेश थानाध्यक्ष शाहपुर को दिया है।
सिविल कोर्ट के अधिवक्ता नीरज शाही ने बताया कि कोर्ट में वादी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि वह वन विभाग रेंज गोरखपुर में वन दरोगा के पद पर तैनात है। उसके सीनियर अधिकारी आरोपी अमन जैन उससे अवैध वसूली व कमीशन का दबाव बनाते हैं। साथ ही खोराबार सेक्शन के प्रभारी को धमकाकर पौधरोपण के कार्य में फर्जी तरीके से वास्तविक मजदूरों के स्थान पर अन्य व्यक्तियों का नाम व खाता नंबर डालकर सरकारी धन का धनादोहन किया। जब इसका विरोध किया तो आरोपी ने वन दरोगा शैलेंद्र को छह नवंबर 2024 को शाम लगभग 7:30 बजे क्षेत्रीय वन अधिकारी कार्यालय राधाजिना अस्पताल के पास बुलाया। शैलेंद्र अपने एक परिचित दिनेश मल्ल के साथ वहां पहुंचा। जहां आरोपी वन विभाग के कुछ तस्कर, ठेकेदार और सेवानिवृत कर्मचारी विंध्याचल तिवारी के साथ मौजूद थे। शैलेंद्र का आरोप है कि उसे देखते ही आरोपी गाली देने लगे, मना करने पर सभी लोगों ने मारपीट की।