प्रशासन, एनएचएआई अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच हुई बातचीत
टोल प्लाजा के दोनों तरफ स्थानीय गाड़ियों के आवागमन के लिए छोड़ा जाएगा रास्ता
स्थानीय बड़ी गाड़ी मालिक वाहन का आरसी पेपर टोल प्लाजा पर एंट्री करवाएंगे
गीडा। लखनऊ-छपरा हाईवे के बाईपास स्थित तेनुआ टोल प्लाजा के बगल में बने सर्विस लेन पर बैरियर लगाने का विरोध खत्म होता दिख रहा है। मंगलवार को प्रशासन, एनएचएआई के अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच बातचीत के बाद सर्विस लेन पर कुछ शर्तों के साथ बूम बैरियर लगाने पर बात को लेकर आपसी सहमति बन गई है। सोमवार को सर्विस लेन पर बैरियर लगाने के विरोध में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया था, जिसके चलते टोल टैक्स वसूलने वाले कंपनी के कर्मी बिना बैरियर लगाए लौट गए थे।
मंगलवार को एनएचएआई के अधिकारियों, एसडीएम दीपक गुप्ता, सीओ रत्नेश्वर सिंह और ग्रामीणों के बीच आपसी बातचीत के बाद कुछ शर्तों के साथ बूम बैरियर लगाने की सहमति बन गई। बातचीत के मुताबिक, बूम बैरियर के पास टोलकर्मी रहेंगे। साथ ही स्थानीय बड़ी गाड़ी मालिक अपने वाहन का आरसी पेपर टोल प्लाजा पर एंट्री करवाएंगे। वहीं, स्थानीय छोटी गाड़ियां निशुल्क आ-जा सकेंगी। टोल प्लाजा के दोनों तरफ छोटी गाड़ियों के आवागमन के लिए रास्ता छोड़कर पूरा बैरिकेडिंग की जाएगी। इस दौरान गीडा इंस्पेक्टर विजय सिंह, संतोष कुमार सिंह, चिन्मय, रुचिर अग्रवाल, राकेश कन्नौजिया, जनार्दन यादव, धनंजय सिंह, विनय यादव सहित ग्रामीण उपस्थित रहे।
मालूम हो कि, तेनुआ टोल प्लाजा पर बने सर्विस लेन से टोल बचाने के चक्कर में बड़ी गाड़ियों के आवागमन से जैतपुर बाजार और खानिमपुर अंडरपास के नीचे आए दिन जाम लगा रहता है। साथ ही सड़कें भी क्षतिग्रस्त होती रहती हैं। स्थानीय लोगों को आए दिन जाम से जूझना पड़ता है। वहीं दुकानदारों का व्यवसाय प्रभावित होता है। बड़ी गाड़ियों के आवागमन से दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं।
बड़ी गाड़ियों के सर्विस रोड पर आने से रोकने के लिए स्थानीय लोगों की तरफ से धरना प्रदर्शन करके समस्या से निजात पाने की मांग भी की जाती रही है। इसी को देखते हुए सोमवार को बड़ी गाड़ियों के आवागमन को रोकने के लिए टोल टैक्स वसूलने वाले कंपनी के कर्मी बैरियर लगाने पहुंचे थे। लेकिन, स्थानीय ग्रामीणों के विरोध के कारण बिना बैरियर लगाए ही उन्हें लौटना पड़ा था।