गोरखपुर। महानगर के 15 से ज्यादा मोहल्ले से होकर गुजरने वाले तकियाघाट नाले का पानी अब प्राकृतिक विधि से शोधित होकर राप्ती नदी में गिर रहा है। 2.90 करोड़ रुपये की इस परियोजना का सीएम योगी आदित्यनाथ शुक्रवार की सुबह निरीक्षण करेंगे। सीएम के निरीक्षण के मद्देनजर नगर निगम तैयारियों में जुटा है।
बृहस्पतिवार को मेयर डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, मुख्य अभियंता संजय चौहान समेत अन्य अधिकारियों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर जरूरी दिशा निर्देश दिए। इसके साथ ही टीपी नगर में नव निर्मित रैन बसेरा का भी निरीक्षण किया। सीएम दौरे के मद्देनजर सड़कों और कार्यक्रम स्थल के आसपास साफ-सफाई का काम जोरों पर है।
तीन किमी लंबा तकियाघाट नाला हाबर्ट बांध इलाहीबाग रेगुलेटर से हनुमान गढ़ी मंदिर, तकियाघाट होते हुए राजघाट के पास राप्ती में गिरता है। इस पानी को पर्यावरणविद् प्रो. सीआर बाबू की सलाह पर प्राकृतिक विधि (फाइटोरेमीडिएशन) से शोधित (ट्रीट) किया जा रहा है। राप्ती में इस नाले से रोजाना करीब 200 एमएलडी नाले का पानी शोधित होकर गिर रहा है। नाले में जलीय पौधे मसलन कोलोकेसिया, फ्राग्माइट्स, पास्पलम व अल्टरनेन्थेरा लगाए जा रहे हैं।
टीपीनगर में रैन बसेरे का लोकार्पण कर कंबल वितरण करेंगे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को पूर्वाह्न टीपीनगर में नगर निगम द्वारा बनाए गए रैन बसेरे का लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर असहायों के बीच कंबल वितरण भी करेंगे। साइंस एजुकेशन वेलफेयर सोसाइटी को इसके संचालन का दायित्व सौंपा गया है। रैन बसेरा अवर अभियंता रंजीत कुमार की निगरानी में है।
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