चिलुआताल में भजन संध्या स्थल का चल रहा निर्माण, 13 करोड़ की लागत से होगा पर्यटन विकास
गोरखपुर। रामगढ़ताल की तर्ज पर चिलुआताल का भी कायाकल्प हो रहा है। चिलुआताल के किनारे आध्यात्मिक माहौल भी बनाया जाएगा। इसके लिए करीब 13 करोड़ रुपये की लागत से भजन संध्या स्थल का निर्माण कार्य शुरु हो चुका है। अगले साल जून तक निर्माण पूर्ण होने के बाद चिलुआताल घाट की शाम भक्तिमय सुरों से भी सजने लगेगी।
शहर के दक्षिणी छोर पर रामगढ़ताल पूर्वी उत्तर प्रदेश का सर्वाधिक लोकप्रिय पर्यटन स्थल बन चुका है। अब जल्द ही उत्तरी छोर पर भी रामगढ़ताल सा ही नजारा दिखने लगेगा। इसके लिए योगी सरकार खाद कारखाना के समीप चिलुआताल में पर्यटन विकास करा रही है। चिलुआताल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के 20 करोड़ 39 लाख रुपये की परियोजना के तहत करीब 98 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। यहां भजन संध्या स्थल का निर्माण भी कराया जा रहा है। इससे लोगों को घाट पर सैर सपाटे के साथ भजन सुनने का भी आनंद प्राप्त होगा। 3300 वर्ग मीटर में बनने वाले भजन संध्या स्थल पर एक साथ 1500 श्रद्धालु बैठ सकेंगे।
कार्यदायी संस्था यूपी राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर नीरज गुप्ता के अनुसार, भजन संध्या स्थल में विशाल स्थायी मंच बनाया जाएगा। यहां कलाकार भजनों की प्रस्तुति भी कर सकेंगे। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए सीढ़ीनुमा श्रोता दीर्घा बनाई जाएगी। पूरा क्षेत्र आरसीसी छत से आच्छादित होगा, जिससे कि विपरीत मौसम में भी श्रोता भजनों का आनंद ले सकें। यहां कलाकारों के ग्रीन रूम बनाया जाएगा। टाॅयलेट ब्लाॅक, पेयजल पोस्ट और पार्किंग की समुचित व्यवस्था भी होगी। स्थल का माहौल प्राकृतिक हो, इसके लिए पौधरोपण और लैंड स्केपिंग भी कराई जाएगी। स्थल की दीवारों को आध्यात्मिक चित्रों से सजाया जाएगा।
भजन संध्या स्थल का शिलान्यास इसी वर्ष 19 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी की ओर से किया जा चुका है। निर्माण के लिए 12 करोड़ 95 लाख रुपये की लागत स्वीकृत की गई। इसके सापेक्ष पहली किश्त के रूप में धर्मार्थ कार्य विभाग ने 6.47 करोड़ रुपये जारी किए हैं। निर्माण जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।