गार्बेज फ्री सिटी में 7 स्टार रैकिंग और वॉटर प्लस का दर्जा पाने की तैयारी
गुलरिहा और लालडिग्गी में टीम ने किया निरीक्षण
शाम को महेवा मंडी की देखी स्थिति, पांच दिनों तक परखेंगे शहर की सफाई व्यवस्था
गोरखपुर। जिले की स्वच्छता को परखने के लिए दो सदस्यीय केंद्रीय टीम स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के लिए आ चुकी है। बुधवार को टीम ने शहर के कई प्रमुख स्थानों का निरीक्षण किया। टीम से पहले ही सफाई कर्मियों का दल चल रहा था ताकि टीम के पहुंचने के पहले सभी व्यवस्थाएं सृदृढ़ कर ली जाएं।
टीम ने बुधवार को बसंतपुर गारबेज ट्रांसफर स्टेशन, लालडिग्गी एमआरएफ सेंटर, चरगावां गारबेज ट्रांसफर स्टेशन और एमआरएफ सेंटर का निरीक्षण किया। उसके बाद शाम को महेवा मंडी, महेवा चुंगी, गल्ला मंडी, ट्रांसपोर्ट नगर और इंडियन गैस गोदाम गली के सार्वजनिक शौचालय का निरीक्षण किया। बुधवार को सुबह से ही महेवा मंडी में सफाई चल रही थी। नगर निगम ने इस बार गार्बेज फ्री सिटी में 7 स्टार रैकिंग और वॉटर प्लस का दर्जा पाने के लिए आवेदन किया है। सर्वेक्षण के पहले सभी प्रमुख मार्गों पर दीवारों को आकर्षक पेंटिंग से सजाने के साथ स्वच्छता के स्लोगन लिखे गए हैं। डिवाइडरों की सफाई के साथ उन्हें भी पेंट किया गया है।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 दिसंबर में ही प्रस्तावित था लेकिन चार माह की देरी से मंगलवार को टीम पहुंची। इसके लिए नगर निगम की पूरी टीम लगी हुई है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के परिणाम के बाद नगर निगम ने काफी सुधार किया है। वॉटर प्लस प्राप्तांक 1200 और जीएफसी 7 स्टार के लिए 1300 अंक हासिल करने के लिए तैयारी की है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन, कचरा कलेक्शन, रात्रिकालीन सफाई, नालियों की नियमित सफाई, यूजर चार्ज का भुगतान, वार्डों में खाली पड़े प्लाॅट की सफाई, गीला और सूखा कचरा को अलग अलग करने संबंधित डाटा और भौतिक सत्यापन को ठीक ठाक दिखाने पर जोर है।