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Gorakhpur News: दो बार रेती गई व्यापारी की गर्दन, पार्टी वाले घर में दबा हत्या का राज

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गोरखपुर। कपड़ा व्यापारी अनिल गुप्ता की दो बार बाएं और दाएं से गर्दन रेतकर हत्या की गई है। बुधवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आई। इसके अलावा उनके शरीर पर और कहीं गहरे चोट के निशान नहीं मिले हैं। देर रात वह गोरखनाथ क्षेत्र में जन्मदिन पार्टी में दोस्तों के साथ गए थे। अभी तक पुलिस पार्टी वाली जगह और शामिल दोस्तों तक नहीं पहुंच सकी है। पुलिस की माने तो पार्टी वाले घर में ही हत्या की साजिश रची गई है। आशंका जताई जा रही है कि व्यापार के चक्कर में ही अनिल गुप्ता की हत्या हुई है। इधर, देर शाम व्यापारी का अंतिम संस्कार राजघाट पर कर दिया गया।
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चिलुआताल के नकहा नंबर एक यादव टोला निवासी अनिल गुप्ता के बड़े भाई पंकज गुप्ता ने बताया कि मंगलवार को अनिल दुकान बंद करके गाड़ी को कर्मचारी से घर भिजवा दिया। घरवालों को कॉल कर बताया कि गोरखनाथ क्षेत्र में एक बर्थडे पार्टी में आया हूं। आने में विलंब होने पर अंतिम बार भतीजे सार्थक गुप्ता से रात करीब 11 बजकर 24 मिनट पर बात हुई थी। इसके बाद मोबाइल बंद हो गया।

गली में 50 मीटर घुसते ही किया हमला
नकहा नंबर एक स्थित अनिल के घर का रास्ता मोती लॉन मैरिज हाल के बगल वाली गली से होकर जाता है। सुबह अनिल का शव मेन रोड से गली के 50 मीटर अंदर मिला है। ऐसा माना जा रहा है कि रात करीब दो से सुबह पांच बजे के बीच हत्या की घटना को अंजाम दिया गया है। गला रेतकर अनिल को नाले में ढकेल दिया गया था।
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नहीं पहचान पाए खून से लथपथ शव
एकला नंबर एक में रहने वाले लोगों ने बताया कि जब भी अनिल गुजरते थे, वह गाना गुनगुनाते रहते थे। सबसे हंसी मजाक करके ही आगे बढ़ते थे। मौत से बच्चे, बुजुर्ग दोनों ही दुखी हैं। वह खून से लथपथ अनिल के शव को पहचान नहीं पाए। सुबह करीब 6:30 बजे उधर से ही अनिल के छोटे भाई प्रदीप गुप्ता गुजर रहे थे, भीड़ देखकर वह भी रुक गए। नाले के पास अनिल की चप्पल और कपड़े देखकर उन्होंने शव की पहचान की। पुलिस ने शव के पास से ही एक सब्जी काटने वाला नया चाकू बरामद किया। घरवालों ने आरोप लगाया था कि अनिल के गले से सोने की चेन और हाथ से अंगूठियां भी गायब हैं। जिसे पुलिस ने थोड़ी देर बाद बरामद कर लिया।
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शादी के बाद शुरू किया व्यापार
अनिल के पिता मुरारी लाल गुप्ता की मौत 20 साल पहले हो गई थी। अनिल छह भाइयों में चौथे नंबर पर थे। मां इंद्रावती देवी ने बच्चों की परवरिश की। सभी भाई अपना बिजनेस करते हैं। अनिल चार साल तक सऊदी में रहे। वहां से आए तो शादी हो गई। इसके बाद उसने बरगदवां में अपनी रेडीमेड कपड़ों की दुकान खोली।

डर की वजह से नहीं आए दोस्त
अनिल की मौत की सूचना पूरे दिन घरपर मिलने आने वालों की भीड़ लगी रही। लेकिन अनिल के दोस्त वहां नहीं आए। अनिल की मौत में पुलिस को उनके ही किसी दोस्त पर शक है। पूछताछ के डर से दोस्त नजर नहीं आए।
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