गीडा के गाहासाड़ गांव में मारपीट का मामला, दिनभर रहा पुलिस का पहरा, गांव छोड़कर भागे पुरुष
गांव में छह सौ की आबादी, हर साल करते मारपीट, नहीं बुलाते पुलिस खुद ही करते हैं फैसला
गोरखपुर। गीडा इलाके के गाहासाड़ गांव में रविवार को जमकर मारपीट हुई थी। बताया जा रहा है कि इस घटना से चार दिन पहले ही मारपीट की तैयारी गांव में चल रही थी। झगड़े की शुरूआत एक पक्ष के रिश्तेदार को गांव के कुछ लोगों के पीटने से हुई थी। इसको लेकर दो पक्ष में रार चल रही थी। रविवार को एक पक्ष ने बुलेट से तमंचे जैसी आवाज निकालकर विवाद बढ़ा दिया। शाम को समझौता होना था, इससे पहले ही दोनों पक्षों ने मारपीट के लिए लाठी-डंडे, ईंट-पत्थर और कुल्हाड़ी घर में जुटा लिया था। साथ ही महाराजगंज, फैजाबाद, संतकबीरनगर, पिपराइच से रिश्तेदारों को मारपीट करने के लिए बुलाया था।
यही वजह थी कि शाम को समझौते के समय पुलिस के सामने ही जमकर मारपीट हो गई। पुलिस को भी वहां से भागना पड़ गया। गाहासाड़ के दूसरे टोला के लोगों ने मारपीट की यही मुख्य वजह बताई है।
जानकारी के मुताबिक, गाहासाड़ में करीब 600 की आबादी निवास करती है। मारपीट के बाद मंगलवार को गाहासाड़ में स्थित घरों से अधिकतर पुरुष लापता थे। महिलाएं और बच्चे घर पर निराश होकर बैठे हुए थे। गांव में सुरक्षा के लिहाज से पुलिस भी तैनात की गई है। साथ ही दिन भर थानेदार व अधिकारियों का भी आना जाना लगा रहा। आलम ये था कि हर तरफ पुलिस का पहरा था। कहीं से भी तमंचे जैसी आवाज नहीं आई।
गांव के सूत्रों के मुताबिक, गांव में एक पक्ष विनोद प्रसाद और दूसरा प्रदीप प्रसाद के बीच विवाद चल रहा था। विनोद के घर पर चार दिन पहले रिश्तेदार आए थे। वापस जाते समय प्रदीप पक्ष के लोगों ने उन्हें पीट दिया। रिश्तेदार की पिटाई से नाराज विनोद ने प्रदीप से उलाहना दिया, इसके बाद विवाद शुरू हो गया।
बुलेट की आवाज से दहशत फैला रहा था एक पक्ष
रविवार को एक पक्ष से आया रिश्तेदार दहशत फैलाने के लिए अपनी बुलेट के साइलेंसर से तमंचे वाली तेज आवाज बार-बार निकाल रहा था। दूसरे पक्ष ने विरोध किया, तब दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इसी बीच सूचना पर पहुंची डायल 112 की पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया। शाम को समझौता कराने की बात हुई। लेकिन दोनों पक्ष मारपीट की तैयारी कर चुके थे। शाम को जैसे ही पुलिस आई और बातचीत शुरू हुई तो मारपीट हो गई। घरों से ईंट-पत्थर चलने लगे। एक दूसरे के घरों में घुसकर गाड़ियां और अन्य सामान तोड़ने लगे। घरों के बाहर खड़ी 22 से अधिक दो पहिया और चार पहिया गाड़ियां तोड़-फोड़ दी गई। इसमें अधिक गाड़ियां बाहर से मारपीट करने आए रिश्तेदारों की थी। अभी तक दोनों पक्षों से कोई घायल सामने नहीं आया है।
मारपीट कर खुद ही कर लेते हैं समझौता
गाहासाड़ में दूसरे टोला में रहने वाले लोगों ने बताया कि हर साल नाटे टोला में मारपीट तोड़फोड़ होती है। इनके रिश्तेदार भी मारपीट करने आते हैं। इधर, जब रिश्तेदार जुट रहे थे, तभी अंदाजा लग गया था कि वे फिर मारपीट करेंगे। झगड़ा लड़ाई करने के बाद ये सभी पुलिस नहीं बुलाते हैं, खुद ही पंचायत कर समझौता करने का फैसला लेते हैं।
22 पर केस दर्ज, 12 गिरफ्तार
हलका सिपाही की तहरीर पर गीडा थाना प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह ने दोनों पक्षों से 22 लोगों के खिलाफ नामजद और अज्ञात पर केस दर्ज किया है। इसमें त्रियुगी, प्रदीप, गिरजेश, शेषमणि, अनिरुद्ध, नौरंग, अभय, आशुतोष, शैलेंद्र , संदेश, अवधेश, राधेश्याम, दुर्गेश तथा मुन्ना आदि के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया है। मामले में पुलिस ने सोमवार को 12 आरोपियों में गाहासाड़ के गिरदेश प्रसाद, आदेश प्रसाद, अंकित प्रसाद, अमित प्रसाद, दुर्गेश प्रसाद, अमित कुमार, छोटे लाल, संतकबीरनगर महुली मोलनापुर निवासी सुग्रीव, पीपीगंज डिहवा बुजुर्ग के विकास कुमार, शिवम, राहुल कुमार, पिपराइच के तुलसी देउर निवासी अमित को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया।
-
कोट-
केस दर्ज कर मारपीट के आरोपियों की तलाश चल रही है। 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया गया है। अन्य की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
- जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी उत्तरी