एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी की भाभी चंद्रा त्रिपाठी की मौत मामले में तय हुआ आरोप
समय से अस्पताल पहुंचने के बाद भी गर्भवती को नहीं मिल सका था उपचार
गोरखपुर। एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी की बहू गर्भवती चंदा त्रिपाठी की मौत के मामले में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के तत्कालीन विभागाध्यक्ष डॉ. महिम मित्तल भी दोषी हैं। शासन की ओर से उनके भी दो वेतनवृद्धि पर रोक लगाई गई है। इसी मामले में पहले गायनी विभागाध्यक्ष डा. रूमा सरकार की भी दो वेतनवृद्धि को रोका गया है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 22 जुलाई 2022 को सिद्धार्थनगर जिले के बेलहरा निवासी संदीप त्रिपाठी की गर्भवती पत्नी चंदा त्रिपाठी को गंभीर हालत में परिजन बीआरडी मेडिकल काॅलेज लेकर पहुंचे थे। मरीज को लेकर पहले ट्रामा सेंटर, फिर वहां से सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के कार्डियोलॉजी में पहुंचे। कॉर्डियोलॉजिस्ट ने देखने के बाद बिना ऑक्सीजन सपोर्ट दिए उन्हें दोबारा ट्रॉमा सेंटर भेज दिया। वहां से मरीज को गायनी विभाग भेज दिया गया। गायनी में डॉक्टरों ने मेडिसिन का मामला बताकर मरीज को मेडिसिन विभाग में रेफर कर दिया गया। मेडिसिन विभाग में डॉक्टरों ने पर्चा मांगा। परिजन पर्चा बनवा रहे थे, इसी बीच चंदा त्रिपाठी की मौत हो गई।
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एमएलसी की बात भी नहीं सुनी
सिद्धार्थनगर जिला अस्पताल से गंभीर हालत में रेफर चंदा त्रिपाठी के इलाज के लिए एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी ने पैरवी भी की थी। इसके बाद भी लापरवाही बरती गई। एमएलसी ने इस मामले में शासन स्तर पर शिकायत कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। सदन में भी मामले को उठाया। इसके बाद जांच समिति गठित हुई। समिति की रिपोर्ट के आधार पर राज्यपाल के आदेश से कार्रवाई की गई है। इस मामले में तत्कालीन कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर डॉ. एके श्रीवास्तव को भी निलंबित किया जा चुका है। बताया जा रहा है कि इस मामले में अभी कुछ और लोगों पर गाज गिर सकती है।
कोट
डाॅ. रूमा सरकार व डाॅ. महिम मित्तल पर लगभग समान दोष सिद्ध हुए हैं। दोनों चिकित्सकों की वेतन वृद्धि रोकने का आदेश मिला है। नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
- डॉ. रामकुमार जायसवाल, प्राचार्य, बीआरडी मेडिकल कॉलेज