फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: सहजनवां और सिकरीगंज में दो युवकों का कमरे में लटकता मिला शव

विज्ञापन
विज्ञापन
सिकरीगंज के युवक की मौत को पुलिस ने संदिग्ध बताया, शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया
विज्ञापन

सहजनवां में युवक के परिजनों ने पोस्टमार्टम से किया इन्कार, लिखित अनुरोध पर पुलिस ने शव सौंपा
सिकरीगंज/सहजनवां। जिले के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो युवकों (कविनाथ व अभिषेक) का कमरे में फंदे से लटकता शव मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने फॉरेंसिक टीम के साथ छानबीन की। युवक अभिषेक के परिजन ने पोस्टमार्टम कराने से परिजनों ने इन्कार कर दिया। पुलिस ने लिखित अनुरोध पर शव को परिजनों को सौंप दिया। वहीं दूसरे युवक कविनाथ के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। साथ ही मौत को संदिग्ध बताया है। रिपोर्ट के बाद कारणों का पता चलने की बात कही है।
सिकरीगंज क्षेत्र के कुईं बाजार निवासी कविनाथ चौरसिया (34) का शव शुक्रवार सुबह कमरे में दुपट्टे से लटकता मिला। सूचना पर फॉरेंसिक टीम संग मौके पर पहुंची सिकरीगंज पुलिस ने छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। पुलिस के अनुसार, कविनाथ चौरसिया अपनी पत्नी डिंपल और दो बच्चों लक्ष (6) व वीर (3) के साथ हैदराबाद में रहकर मजदूरी करते थे। दो महीने पहले वह अकेले गोरखपुर लौट आए थे। शुक्रवार सुबह जब पत्नी ने फोन किया तो नहीं उठा। इसके बाद उन्होंने घर के पास रहने वाले चाय विक्रेता से संपर्क किया। जब वह घर पहुंचा तो देखा कि दोनों ओर खिड़की में रस्सी बंधी थी। बीच में दुपट्टे से कविनाथ का शव लटक रहा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने फॉरेंसिक टीम के साथ छानबीन कर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। थाना प्रभारी निरीक्षक सुभाष चंद्र ने बताया कि मामला संदिग्ध है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट होगा। पड़ोसियों के अनुसार, मृतक का कुछ समय से पत्नी से विवाद चल रहा था। जबकि कुछ लोगों ने पारिवारिक बंटवारे को कारण बताया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दूसरी घटना थाना सहजनवां क्षेत्र के घघसरा चौकी अंतर्गत रिठुआखोर गांव की है। जहां दिनेश सिंह के बेटे अभिषेक सिंह (25) ने शुक्रवार दोपहर अपने कमरे में छत की कुंडी में फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों को जानकारी हुई तो तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली ठर्रापार ले गए। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अभिषेक स्नातक थे और कुछ समय से गीडा क्षेत्र की एक निजी संस्था में कार्यरत थे। उनके पिता और छोटा भाई उत्तराखंड में रहते हैं। जबकि एक भाई एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। पुलिस जांच में आत्महत्या के स्पष्ट कारण का पता नहीं चला है। परिवार ने कहा कि यह आत्महत्या का मामला है और पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। घघसरा चौकी प्रभारी दुर्गेश कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों के लिखित अनुरोध पर शव उन्हें अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें