लोगों का दावा- 1983-84 में कोर्ट ने किसी तरह की दखलअंदाजी पर लगाया था रोक
बेदखली का केस दर्ज होने पर लोगों ने की बैठक, बनाई रणनीति
गोरखपुर। बेतिया एस्टेट की जमीन पर बेतियाहाता में काबिज लोगों ने केस दर्ज होने के बाद शनिवार को बैठक कर विरोध जताया। उन्होंने कहना था कि 1983-84 में कोर्ट ने आदेश दिया था कि मौजूदा स्थिति से किसी तरह की दखलअंदाजी न की जाए। डीएम से मिलकर उस आदेश को दिखाएंगे और कोर्ट में सारे साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे।
बेतिया एस्टेट से नियुक्त प्रशासक ने 41 लोगों को बेदखली का नोटिस भेजने के बाद केस दर्ज कराया है। केस की जानकारी अभी स्थानीय लोगों को नहीं है। अच्छेलाल का कहना है कि हम लोग लंबे समय से रह रहे हैं। 1983-84 में तत्कालीन डीएम ने सबका आवास खाली कराने की कोशिश की थी। हम लोगों ने विरोध किया था और जेल भी गए। इसके बाद कोर्ट में वाद दाखिल कर दिया था। कोर्ट ने हमारे पक्ष में फैसला दिया। अब फिर हमारे आशियाना उजाड़ने की कोशिश हो रही है। सभी लोग किसी तरह परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने कहा कि जल्द ही सारे दस्तावेज लेकर डीएम से मुलाकात करेंगे। 60 साल से ज्यादा समय से लोग रह रहे हैं अब कहां जाएंगे। इसके लिए हर लड़ाई में साथ रहेंगे।
इस दौरान बैजनाथ यादव, राधेश्याम, श्रवण, रामरती देवी, कौशिल्या देवी, रतन देवी, रामशब्द, रोहित, गोविंद, ओमप्रकाश, विवेक, गौतम आदि मौजूद रहे।