बर्ड फ्लू : जिले में हैं छोटे-बड़े 248 पोल्ट्री फार्म, गोरखपुर से आसपास के जिलों के साथ ही लखनऊ और बिहार भी जाता है मा
गोरखपुर। मुर्गा बेचने की दुकान बंद होने से पोल्ट्री फार्म का व्यवसाय काफी ज्यादा प्रभावित होगा। शहर में रोजाना 600 क्विंटल मुर्गे का मीट खपता है। पोल्ट्री फार्म संचालकों को चिंता है कि अब तैयार मुर्गों को कैसे बेचेंगे।
शहरी क्षेत्र में करीब एक हजार दुकानें हैं, जहां रोजाना 600 क्विंटल मुर्गे का मीट खपता है। यहीं से रेस्टोरेंट और होटलों में भी सप्लाई होती है। जिले में 248 छोटे-बड़े पोल्ट्री फार्म हैं। यहां से रोजाना करीब 1200 क्विंटल मुर्गे निकलते हैं। इसमें 600 क्विंटल में आधा शहर में खपता है, वहीं बाकी आसपास के जिलों के साथ ही लखनऊ भी जाता है। बड़े पोल्ट्री फार्मों से सिवान, छपरा और बिहार के अन्य जिलों में सप्लाई होती है। चौरीचौरा क्षेत्र में पोल्ट्री फार्म संचालक दिनेश ने बताया कि रोजाना करीब 10 क्विंटल मुर्गा बेचते हैं। अब दुकान बंद होने से इन्हें कोई नहीं खरीदेगा। फार्म में रखने पर मुर्गों को खिलाना पड़ेगा। इससे लागत बढ़ जाएगी। दूसरी तरफ दुकानें जब खुलेंगी तो रेट गिरने का डर रहेगा। इससे काफी ज्यादा नुकसान झेलना पड़ेगा। उनके दाने के लिए अनावश्यक व्यय करना पड़ेगा, जिससे लागत भी नहीं निकल पाएगी।
सहालग में ऑर्डर रद्द होने का डर
अभी शादियों का सीजन चल रहा है। बहुत सारे लोग इसमें मुर्गे का मीट बनवाते हैं। पोल्ट्री फार्म संचालकों को डर है कि अब सहालग के लिए आए ऑर्डर रद्द हो जाएंगे। इससे उन्हें कई तरह से नुकसान होगा। ऑर्डर के लिए अधिक चूजों को पाला था। तैयार होने के बाद इन्हें रखना पड़ेगा।
लगन में मुर्गा खाने वाले भी तनाव में
बीते 20 दिनों में जिन लोगों ने शादियों में मुर्गे का मीट खाया, उन्हें अब तनाव हो गया है। लोग डर में हैं कि कहीं उन्होंने भी तो संक्रमित मीट नहीं खा लिया।
बोले पोल्ट्री फार्म संचालक....
48 रुपये प्रति पीस की दर से चूजे खरीदे थे। प्रत्येक चूजा तीन किलो से अधिक दाना खाकर तैयार हुआ, जिस दाने का मूल्य लगभग 46 रुपये प्रति किलो है। मुर्गों की बिक्री पर रोक लग गई है। शादी के सीजन में कई जगह बुकिंग थी, लेकिन अब बुकिंग रद्द होने से आर्थिक नुकसान होगा।
- विनय कुमार
मुर्गा बेचने के साथ ही उन्हें पालते भी हैं। दुकान बंद होने से आजीविका प्रभावित होगी। परिवार का भरण-पोषण कैसे होगा। बर्ड फ्लू के प्रकोप के कारण 21 दिन तक दुकान बंद रखने की खबर मिली है, सहालग में मिले ऑर्डर भी रद्द हो जाएंगे।
- नबी अहमद
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तालाब के पानी की रिपोर्ट निगेटिव
चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू की दस्तक के बाद भोपाल से आई टीम ने कई जगहों के सैंपल लिए थे। इनमें चिड़ियाघर के तालाब के पानी सहित आसपास के इलाके शामिल थे। इसके अलावा कुछ पक्षियों के बीट के भी सैंपल शामिल थे। इन सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। हालांकि, दूसरे चरण में 26 मई को भेजे गए 45 वन्यजीवों के सैंपल की रिपोर्ट अभी भोपाल ने जारी नहीं की है।
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बर्ड फ्लू के दो वायरस की हुई है पुष्टि
पांच जगहों से लिए गए नमूनों की जांच में बर्ड फ्लू के दो वायरस की पुष्टि हुई है। इसमें एच-5एन-1 और एच-9एन-2 शामिल हैं। एच-5एन-1 बर्ड फ्लू एक अधिक रोगजनक एवियन इन्फ्लूएंजा (एचपीएआई) वायरस है, जो मुख्य रूप से पक्षियों को प्रभावित करता है, लेकिन यह मानवों सहित स्तनधारी जानवरों को भी संक्रमित कर सकता है। जबकि, एच-9एन-2 एक एवियन इन्फ्लूएंजा ए वायरस है, जो मुख्य रूप से पक्षियों को संक्रमित करता है। लेकिन इसका संक्रमण मनुष्यों में भी फैल सकता है।